कुर्मी बाहुल्य गांव बिहारीपुर हीरा में एक किशोर की गर्दन काट कर की गई
हत्या से गांव के लोग दहशत व सदमे में हैं। ये अलग बात है कि गांव के
अधिकतर लोग कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
लेकिन गांव के लोगों से लेकर स्कूल
तक का स्टाफ पिता-पुत्र की तारीफ कर रहा है। दो बच्चों की बकाया मात्र 500
रूपये फीस को लेकर पत्नी से हुए विवाद पुत्र की हत्या की वजह बनना भी लोगों
के पूरी तरह गले नहीं उतर रहा है।
गांव निवासी लोकेश,
जितेंद्र व पप्पू तथा प्रिंस के स्कूल के प्रधानाचार्य अतुल कुमार प्रिंस व
उसके पिता ध्रुव के व्यवहार की तारीफ करतेे मिले। गांव में भी उनका किसी
से कोई विवाद नहीं था। हां गांव के लोगों ने इतना जरूर बताया कि पैतृक
संपत्ति को लेकर ध्रुव कुमार का एक दशक पहले अपने छोटे भाई तेज बहादुर से
कहा सुनी हुई थी।
तबसे उसके मांता-पिता व भाई बीसलपुर के अखोली गांव में
जाकर रहने लगे थे। वहां भी उनकी जमीन है। तब से दोनों का एक दूसरे के घर
आना जाना भी नहीं है।
पुलिस का रवैया फिर दिखा गैरजिम्मेदार
इस
घटना में भी पुलिस का रवैया गैर जिम्मेदराना रहा। ग्रामीणों की मानें तो
मौके पर स्थानीय पुलिस ही पहुंची थी। फारेंसिक टीम नहीं। ग्रामीण यह भी कह
रहे हैं कि पुलिस हत्या में इस्तेमाल गड़ासा साथ ले गई, लेकिन सीओ फारेंसिक
टीम के पहुंचने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन उस टीम को वहां कुछ मिलने की
बात से इंकार कर रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि बरामद गड़ासे के फिंगर
प्रिंट नहीं लिए गए और पुलिस आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही उसकी बरामदगी
दर्शाना चाह रही होगी।
सवाल जिनका नहीं मिल रहा जवाब
1.
कोतवाल से लेकर एसपी तक यह कह रहे हैं कि हत्या करने के बाद ध्रव कुमार ने
फोन कर गांव वालों व अपनी पत्नी को पुत्र की हत्या करने की बात स्वीकार की,
लेकिन यह फोन किसके फोन पर आया? तब कहां थी फोन की लोकेशन? यह किसी को पता
नहीं।
2. देर शाम अमर उजाला के पूछने पर एसपी ने बरेली व सीओ ने खुटार
लोकेशन होना बता दी। यह भी जानने की कोशिश नहीं की कि कहीं कोई व्यक्ति
उससे जबरिया तो फोन नहीं करवा रहा? क्योकि कत्ल करने के बाद कोई भी इतनी
आसानी से जुर्म क्यो बताएगा और वह भी पत्नी व गांव वालो को?
3. पुलिस अब
मोबाइल के बंद होने की बात कह रही है। सवाल यह उठता है कि क्या हत्या कर
भागने वाला कोई व्यक्ति फोन साथ ले जाएगा और उसे तब तक खुला रखेगा जब तक वह
इसकी जानकारी नहीं दे देता?
4. पुलिस की अगर इस बात को सच भी मान लिया
जाए तो पुलिस उसकी लोकेशन चेक कर वहां की पुलिस से उसकी घेराबंदी तो करवा
ही सकती थी, फिर पुलिस ने ऐसा क्यो नहीं किया? इसका उत्तर किसी के पास नहीं
है।
5. पुलिस ने देर रात तक न तो ध्रुव कुमार के फोन की सीडीआर निकलवाई है और न ही उसकी पत्नी के फोन की।
ये भी है सवाल
अगर पत्नी से नाराज था तो पुत्र को क्यो मारा
यह
भी अपने में एक सवाल है। ध्रुव कुमार का विवाद पत्नी से हुआ था। अगर उसके
सिर पर कुछ जुनून ही सवार था तो वह पत्नी पर या तो विवाद के दौरान हमला कर
सकता या फिर उसके सोने के बाद। पुत्र की हत्या उसने क्यो की?
ममता के बयान भी खड़ा कर रहे सवाल
ध्रुव
कुमार की पत्नी ममता एक तरफ पूरे यकीन के साथ कहती है कि उसके पुत्र का
कातिल उसका पति है, वहीं दूसरी ओर रंजिश पूछने पर वह अपने उस देवर व देवर
के ससुराल वालों की ओर इशारा कर देती है जिनका दस साल से एक दूसरे से कोई
वास्ता तक नहीं है।
घर में शौचालय, तो क्यो गई खेत
ममता यह
कहती है कि भोर में यह घटना तक घटी जब वह घर से बाहर खेत में शौच को गई।
अब सवाल उठता है कि जब घर में शौचालय था तो ममता खेत में शौच को क्यो गई?
घटना के पीछे लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। सच्चाई क्या है इसका खुलासा
अगर पुलिस ने सही ढंग से विवेचना करे तभी हो पाएगा।
शोकसभा कर कालेज में हुआ अवकाश
छात्र
प्रिंस की नृशंश हत्या की घटना की कालेज के प्रधानाचार्य अतुल गंगवार ने
कटु शब्दों में निंदा की। साथ ही कालेज में शोकसभा कर अवकाश कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि कालेज में बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं चल रहीं हैं। 16
मार्च को होने वाले विषय की परीक्षा अब 19 को होगी।
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जब
से उसकी शादी हुई है जेठ के घर एक बार भी नहीं गई और न ही उन लोगों का
यहां आना जाना था। इसी वजह से वह आज गांव बिहारीपुर नहीं गई। सास, ससुर कई
महीनों से कहीं गए हुए हैं। जिसकी उसे जानकारी नहीं है।
आरती देवी मृतक की चाची
पहले भी अपनों के खून से रंग चुके हैं हाथ
पूरनपुर।
दियोरिया क्षेत्र के गांव बिहारीपुर में पुत्र की गला रेत कर हत्या की
घटना नई नहीं है। इससे पहले भी अपने ही अपनों का खून कर चुके हैं।
गत
वर्ष सात दिसंबर को नगर के मोहल्ला करीमगंज में राकेश अग्निहोत्री ने अपने
पिता राधेश्याम अग्निहोत्री की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 15 दिसंबर 2014
को नगर के मोहल्ला चौक मेें हरीओम सिंह की उसके सौतेले भाई प्रशांत और
निशांत ने सरेशाम उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब हरीओम का उनसे
संपत्ति को लेकर विवाद हो गया था।
करीब सात साल पहले गांव घुंघचाई में
बृजेश सिंह ने संपत्ति विवाद पर अपने भाई राजेश और शैलेंद्र की दिनदहाड़े
गोली मारकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं पुत्रों को बचाने पहुंची मां की
भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। बीसलपुर के गांव शायर में जून 2011
को पप्पू ने अपने वर्षीय 40 भाई बच्चू सिंह की बंटवारे के विवाद पर
लाठियों से पीटकर हत्या कर दी थी।