मंगलवार की सुबह जेल से पुलिस लाइंस के तीन सिपाही थाना अमरिया के गांव बरादुनवा निवासी राजवीर सिंह व उसके पिता कुलदीप सिंह को चोरी के एक मामले में खटीमा स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर देर शाम वापस लौटे थे। बंदियों को लाने में अभिरक्षा में लगे सिपाहियों ने लापरवाही दिखाई। जेल रोड पर दोनों बंदियों ने सिपाहियों से लघुशंका जाने को कहा। भरोसे में आकर सिपाहियों ने राजवीर सिंह के हाथ से हथकड़ी खोल दी और दोनों को शौच के लिए जाने दिया। अंधेरे व मार्ग पर खड़े जंगल का लाभ लेकर बंदी पिता-पुत्र भागने लगे। हालांकि सिपाहियों ने पिता कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन राजवीर का 24 घंटे बाद भी कोई पता नहीं चल सका। एसपी जेके शाही ने बताया कि सिपाही यदि सतर्क होते और राजवीर की हथकड़ी नहीं खोलते तो शायद बंदी भागने में सफल नहीं हो पाते। उधर आरआई ओमपाल सिंह ने पुलिस अभिरक्षा में लगे तीन सिपाहियों व बंदी राजवीर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की विवेचना शहर कोतवाल अतुल प्रधान को सौंपी गई है।
बंदी की तलाश में पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस अभिरक्षा से फरार बंदी राजवीर सिंह की तलाश में सदर कोतवाल अतुल प्रधान ने शहर के गुरुद्वारा व बंदी के घर गांव बरादुनवा सहित कई संभावित स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। एसपी ने भी अमरिया जाकर बंदी के बारे में जानकारी जुटाई। एसपी ने बताया कि दो टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।
राजवीर पर दर्ज हैं दो मुकदमे
फरार बंदी राजवीर और उसके पिता पर दो मामले दर्ज हैं। पहला मामला वर्ष 2014 में उत्तराखंड के थाना खटीमा पर चोरी का दर्ज हुआ था। दूसरा मामला थाना अमरिया पर आबकारी अधिनियम का दर्ज है। अवैध शराब कारोबारी होने के कारण अमरिया पुलिस ने राजवीर सिंह पर गैंगस्टर लगा चुकी है।