गांव दिलावरपुर में कथित तौर पर हाईटेंशन लाइन के टूटे तार की चपेट में
आकर एक विवाहिता की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे मृतका के मायके वालों ने
ससुरालियों पर हत्या का अंदेशा जताते हुए उसके शव को जबरिया
ट्रैक्टर-ट्रॉली पर ले जाने लगे।
विरोध पर महिला के ससुरालियों और मायके
पक्ष के लोग पुलिस की मौजूदगी में भिड़ गए। बीच बचाव करने पर पुलिस से भी
धक्का-मुक्की की। एकत्र हुए ग्रामीणोें ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक कर शव
ट्रॉली से उतार लिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाबुझा कर
शांत किया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
गांव
दिलावरपुर के भूपराम ने बताया कि उसकी 25 वर्षीय पत्नी सुमन बुधवार को सुबह
करीब तीन बजे लघुशंका को घर के बाहर निकली थी। दरवाजे पर टूटे पड़े बिजली
हाईटेंशन के तार पर उसका पैर पड़ने से करंट से उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना
मृतका के मायके वालों को भी दी गई।
जिसके कुछ देर बाद मृतका के मायके वाले
कई साथियों के साथ जा पहुंचे। शाहगढ़ निवासी मृतका के पिता कुंदन लाल, भाई
अरविंद ने सुमन की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। इन लोगों का
आरोप था कि घटना को छिपाने को बिजली का तार तोड़ कर डाल दिया गया। पुलिस
ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम
रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।
कई घंटे चली समझौता वार्ता
घुंघचाई।
चौकी इंचार्ज राजेश्वर सिंह ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने
तहरीर भी नहीं दी और लाश लेकर भागने का प्रयास कर रहे थे। इसके बाद दोनों
पक्षों में कई घंटों तक समझौता वार्ता हुई। लेकिन विवाद की स्थिति पर शव
बगैर पोस्टमार्टम कराए देने से इनकार कर दिया गया।
तार टूटने के विरोध में किया प्रदर्शन
घुंघचाई।
गांव दिलावरपुर के लोगों ने बिजली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर महिला की
मौत के बाद अक्सर बिजली का तार टूटने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आबादी के ऊपर से बिजली हाईटेंशन की लाइन
निकाली गई है। इससे पहले भी कई बार तार टूटने पर तारों को सही करने की मांग
की गई थी, लेकिन नहीं की गई। बिजली विभाग की लापरवाही से ही महिला की मौत
हुई है। प्रदर्शन करने वालों में रामसागर, सियाराम, कालीचरन, पप्पू, ओमकार,
लालाराम, रामलाल, तोताराम, दीपक, बेचेंलाल, धर्मेंद्र, छत्रपाल, रामकुमार,
रामबहादुर आदि थे।