कर्ज से परेशान होकर किसान रंजीत बाला के आत्महत्या करने की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल ने गांव पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी जुटाई। परिवारवालों से उनकी आर्थिक स्थिति और कर्ज के बारे में जाना। इसके अलावा ग्रामीणों से भी संपर्क साधा। हालांकि लेखपाल के अलावा कोई राजस्व कर्मचारी नहीं पहुंचा। गजरौला थाना क्षेत्र के गोयल कॉलोनी निवासी 52 वर्षीय रंजीत बाला पर चार बैंकों से करीब साढ़े सात लाख रुपये कर्ज था। इसको चुकता करने का दबाव बैंकों की ओर से बनाया जा रहा था। जिससे परेशान होकर किसान ने आधा किलोमीटर दूर खेत में यूकेलिप्टिस के पेड़ पर रस्सी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिवारीजनों ने उसका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। इधर, कर्ज चुकता करने में असफल और लगातार बढ़ते बैंकों के दबाव से आत्महत्या कर जान देने वाले किसान के परिवार से जानकारी करने के लिए प्रशासनिक अमला संजीदा नहीं हुआ। सिर्फ क्षेत्रीय लेखपाल छेदालाल को गांव भेजकर जानकारी जुटाकर औपचारिकता निभा ली गई। राजस्व की कोई अन्य टीम न तो परिवार से मिली न ही गांव पहुंची। किसान की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।