किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने पर कानूनी कार्रवाई करने के बजाय लड़की वालों ने आरोपी को खुद ही सजा देने की कोशिश की। वे इमाम के चचेर भाई को बरेली से अगवा करके अपने घर ले आए और मकान में जंजीरों से बांधकर डाल दिया। रविवार रात इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने युवक को छुड़ाया। तहरीर मिलने पर पुलिस ने 50 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है, जिसमें दो लोग नामजद हैं। बरेली के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के खजुरिया गांव निवासी सद्दीक अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके चचेरे भाई हाफिज इसरार जहानाबाद की बिलई मस्जिद में इमामत करते है। यहीं वह बच्चों को पढ़ाते भी हैं। कुछ दिन पहले हाफिज इसरार एक किशोरी को बहला फुसलाकर ले गए, जिसके बाद से परिवार वाले किशोरी को तलाश रहे थे। लड़की के परिवार वाले 24 जून को सद्दीक अहमद के घर खजुरिया पहुंचे और हाफिज इसरार की तबीयत खराब होने की कहकर जहानाबाद चलने को दबाव बनाने लगे। कुछ अटपटा लगने पर सद्दीक ने चलने से मना कर दिया और वहीं पड़ोस में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के घर भाग गया। इस पर किशोरी के परिवार वाले रिश्तेदार के घर जा पहुंचे और सद्दीक को अगवा करके जहानाबाद ले आए। आरोप है कि यहां मकान में उन्हें जंजीरों से बांधकर रखा गया। इसकी सूचना आसपास के लोगों ने रविवार रात पुलिस को दी, जिसके बाद पहुंची यूपी 100 और थाना पुलिस ने सद्दीक को छुड़ाया। सद्दीक की तहरीर पर पुलिस ने दो लोगों को नामजद कर 50 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
किशोरी के परिवार से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। वह खुद ही इमाम के भाई को बरेली से अगवा कर ले आए और बंधक बना लिया, जोकि सरासर गलत है। तहरीर के आधार पर हासिम, अनीस अहमद दो नामजद और 50 अज्ञात पर विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। देर शाम तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। - रविंद्र कुमार वर्मा, एसएचओ जहानाबाद