कोचिंग पढ़कर घर जा रहे इंटरमीडिएट के छात्र का अपहरण करने की कोशिश की गई। हाइवे पर मारुति वैन में सवार होकर आए चार बदमाशों ने उसको पकड़ लिया और मोबाइल छीनने लगे। इस बीच एंबुलेंस के सायरन को पुलिस का समझकर आरोपी घबराकर भाग गए। घटना की तहरीर पुलिस को दे दी गई है।
मूल रूप से पिपरिया भजा गांव निवासी गुरदेव सिंह पिछले दस सालों से कस्बा गजरौला में रह रहा है। इसका बेटा हरप्रीत सिंह पीलीभीत के स्प्रिंगडेल कालेज में कक्षा बारह का छात्र है। पीड़ित के अनुसार सोमवार को कोचिंग पढ़ने के बाद देर शाम हरप्रीत बाइक पर सवार होकर पीलीभीत से गजरौला के लिए रवाना हुआ। हाइवे पर पिपरिया-नवदिया मोड़ पर पहुंचते ही पीछे से एक मारुति वैन आई, जिसमें चार लोग बैठे हुए थे। आरोप है कि बाइक के आगे वैन लगाकर उसे रोक लिया। इसके बाद एक युवक बाहर निकला और छात्र को पास के खेत में ले गया। जहां उससे मारपीट कर मोबाइल छीनने की कोशिश की गई। इसी बीच हाइवे पर सायरन बजाती हुई एक एंबुलेंस गुजरी। सायरन की आवाज सुनकर बदमाशों को लगा कि पुलिस आ रही है। इस पर वह छात्र को धमकी देकर भाग गए। घटना की देर रात थाने जाकर तहरीर दी गई है। इकलौते बेटे के साथ हुई वारदात की जानकारी लगने पर घरवाले जान का खतरा जता रहे हैं।
अपने पिता से कह
देना मान ले बात ...
घटना को छात्र शुरूआत में लूट की कोशिश मानता रहा। पर भागते वक्त बदमाशों की ओर से कहे गए कुछ शब्दों ने मामले को अपहरण की कोशिश की ओर मोड़ दिया। बदमाशों ने कहा-अपने पिता से कह देना हमारी बात मान ले, वरना जान से मार दूंगा। ऐसे में अब मामला लूट का नहीं लगता। उधर, किस बात को मानने के लिए कहा गया और वह लोग कौन थे, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। छात्र के पिता भी किसी पुरानी रंजिश जैसी बात से इंकार कर रहे हैं। वह खुद असमंजस में हैं कि बदमाश उनसे क्या बात मनवाना चाहते हैं।
पीड़ित को आश्वासन, अफसरों से झूठ
छात्र के साथ हुई वारदात को लेकर गजरौला पुलिस गंभीर नहीं दिखी। एक तरफ पुलिस पीड़ित छात्र को कार्रवाई का आश्वासन दे रही है। वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को घटना से अवगत नहीं कराया गया है। और तो और पूछे जाने पर भी घटना संज्ञान में न होने की बात कह दी गई है।
मेरी गजरौला एसओ से बात हुई थी। बताया गया है कि ऐसी कोई तहरीर या फिर सूचना पुलिस को नहीं दी गई है। मामले की पूरी जानकारी कराई जाएगी।
- निर्मल कुमार विष्ट, सीओ जहानाबाद