फर्जी प्रपत्रों पर बैठे बिठाए ओके रिपोर्ट लगाकर पासपोर्ट की जांच करने के मामले में एचसीपी के बाद अब दरोगा कुंवरपाल सिंह पर गाज गिरी है। एसपी ने लापरवाही सामने आने पर दरोगा को निलंबित कर दिया है। उसकी जांच एएसपी को दी गई है। बता दें कि खुद को पूरनपुर के शेरपुर मकरंद गांव निवासी सुरजीत और गनेशगंज गांव निवासी परमजीत बताकर दो युवकों ने माह जुलाई और अगस्त में पासपोर्ट बनवा लिए थे। इनकी पैरवी एक अधिवक्ता ने की थी। दोहरी जांच होने के बाद भी उनके पासपोर्ट बनवा दिए गए। बाद में खुलासा होने पर दाखिल किए गए सारे प्रपत्र फर्जी पाए गए। दोनों युवकों का आज तक पता नहीं लग सका है। खास बात रही कि जिन पतों पर दोनों के रहने की बात बताई गई, उस इलाके में न तो फोटो और न ही नाम से इनको कोई पहचान सका। जिसके बाद एसपी ने सुरजीत की बैरीफिकेशन रिपोर्ट लगाने वाले हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पूरे फर्जीबाड़े का खुलासा और खाकी की कार्यशैली को उजागर करते हुए अमर उजाला ने 19 सितंबर के अंक में ऐसे तो आतंकियों का भी बना दिया जाएगा पासपोर्ट शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें एक और दरोगा पर कार्रवाई की तैयारी की बात प्रकाशित की थी। शुक्रवार रात को अमर उजाला की खबर पर मोहर लगाते हुए एसपी ने कार्रवाई की है। एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि फर्जी पासपोर्ट मामले में दूसरे युवक की बैरीफिकेशन जांच ओके लगाने वाले दरोगा कुंवरपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा सभी पुलिसकर्मियों को इस तरह के मामलों में सतर्कता एवं ईमानदारी से ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं।