तहसीलदार की हमराह ड्यूटी का बहिष्कार करने वाले सभी छह होमगार्ड जवानों ने अपनी सरकारी रायफलें सोमवार को जिला कमांडेंट कार्यालय में जमा कर दी हैं।
होमगार्ड के कंपनी कमांडर संतराम गंगवार ने बताया कि सरकारी जीप से डीजल चोरी करने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार नन्हे लाल ने डेढ़ सप्ताह पूर्व अपने हमराह छह होमगार्ड जवानों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने दिन भर कोतवाली में बिठाने के बाद जवानों को छोड़ दिया था। पुलिस की पूछताछ में जवानों ने स्वयं को निर्दोष बताया था। इन जवानों ने उसी दिन से तहसीलदार की हमराह ड्यूटी करने से मना कर दिया था। इन जवानों में गांव महादेवा निवासी रफीक अहमद, गांव नवदिया भगत निवासी नेमचंद्र, मोहल्ला बख्ताबर लाल निवासी जहूर अली, मोहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी डालचंद्र, गांव शेरगंज निवासी छोटेलाल और गांव पुरैना निवासी भगवान सरन शामिल हैं। इन जवानों ने अपने निर्णय से होमगार्ड के जिला कमांडेंट को भी अवगत करा दिया था। कंपनी कमांडर ने यह भी बताया कि इन जवानों ने सोमवार को अपनी सरकारी रायफलें जिला कमांडेंट कार्यालय में जमा कर दी हैं। कंपनी कमांडर का कहना है कि इन जवानों को पहली मार्च से दूसरे स्थानों पर ड्यूटी दी जाएगी।