दिल्ली के मोहन गार्डेन निवासी जलधारा की हत्या के मामले में नया मोड़ आ
गया है। उसने दिल्ली स्थित घर से निकलने के बाद अलग-अलग दिन में खुद के
खाते से 33 हजार रूपये भी निकाले थे। पति की माने तो महिला के पास कुल 49
हजार की नगदी थी। इससे लगता है कि उसकी योजना पहले से ही कहीं जाने की थी।
संभावना जताई जा रही है कि उसे कोई व्यक्ति प्रेम जाल में फंसाकर पीलीभीत
लाया और बाद में उसकी लूट केे इरादे से हत्या कर जेवर-नगदी लूट लिए।
रिपोर्ट पर गौर करें तो जलधारा की मौत पोस्टमार्टम से 48 घंटे पूर्व गला
घोटने से हुई थी। जबकि 11 अगस्त की शाम छह बजे उसकी आखिरी लोकेशन
गाजियाबाद में पाई गई थी। रेप की प्रारंभिक पुष्टि न होने पर महिला डॉक्टर
ने स्लाइड बनाई है।
बुधवार की सुबह करीब 11 बजे पश्चिमी दिल्ली की
चांदनी मस्जिद के पास मोहन गार्डेन निवासी सत्यपाल की पत्नी जलधारा का शव
थाना जहॉनाबाद की शाही पुलिस चौकी क्षेत्र में क्रासिंग के पास पाया गया
था। उसका गला दुपट्टे से कसा था। गुरुवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम
कराया। दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में उसकी
गला घोटकर हत्या किए जाने की पुष्टि की गई। मौत का समय 48 घंटे पूर्व बताया
गया गया है।
प्रारंभिक जांच में रेप की पुष्टि न होने पर पैनल में
शामिल महिला डॉ. नीलम ने स्लाइड बनाई है। मूलरूप से दातागंज (बदायूं)
निवासी मृतका के पति सत्यपाल की मानें तो वह दिल्ली में किराए के मकान में
रहकर पत्नी व बेटों के साथ मजदूरी करता है। 10 अगस्त की सुबह उसने पत्नी को
500 रुपये अल्ट्रासाउंड कराने को दिए थे। फिर पत्नी अस्पताल जाने की बात
कहकर चली गई। बाद में वापस नहीं लौटी। वह पुत्र धीरेंद्र के साथ उसे
अस्पतालों में ढूंढने के बाद जब 11 अगस्त को पुत्र को बैंक भेजकर पत्नी का
खाता चेक करवाया तो उसमें से 10 अगस्त को 33 हजार, अगले दिन तीन हजार रुपये
निकाले गए थे।
शक होने पर घर देखा तो घर में रखे 13 हजार हजार रूपये
भी नहीं थे। इस तरह कुल मिलाकर 49 हजार रुपये भी उसके पास में थे। आशंका
जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति ने 11 अगस्त की रात में ही जलधारा की हत्या
कर दी और शव शाही रेलवे क्रासिंग के पास फेंक कर पहने जेवर और नगदी लेकर
भाग निकला। पति ने भी प्रेमजाल में फंसाकर लाकर हत्या किए जाने की आशंका
जताई है।
आखिरी लोकेशन डासना में मिली
जलधारा हत्याकांड में
पुलिस ने जब महिला के पति से बात की तो उसे पता चला कि महिला के पास मोबाइल
था। पुलिस ने मोबाइल नंबर पूछकर जब एक माह की कॉल डिटेल निकलवाई तो उसकी
दिल्ली में ही नवादा, डासना, वैसाली, पटेलनगर सहित करीब एक दर्जन स्थानों
पर लोकेशन मिली। 11 अगस्त की शाम छह बजे उसकी आखिरी लोकेशन डासना
(गाजियाबाद) में पाई गई। इसके बाद से उसके मोबाइल की लोकेशन नहीं मिली।
अननोन नंबर से आई लास्ट कॉल
पुलिस
ने जो कॉल डिटेल एक माह की निकलवाई। उसमें एक अननोन नंबर ऐसा मिला जिसके
द्वारा महिला के मोबाइल पर एक बार ही कॉल की गई। यह कॉल उसके मोबाइल पर 11
अगस्त की शाम छह बजे आई। इसके बाद से महिला के नंबर पर कोई कॉल नहीं आई।
पुलिस को शक है कि इसी नंबर से जलधारा की मर्डर मिस्ट्री जुड़ी है। पुलिस
ने इस ओर अपनी जांच तेज कर दी है।
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हत्याकांड की गुत्थी काफी हद
तक सुलझा ली गई है। पुलिस खुलासे के काफी नजदीक है। शीघ्र ही हत्यारोपी को
गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
- निर्मल कुमार विष्ट, सीओ जहॉनाबाद
अपने बयानों में फंसा पति
पीलीभीत।
घटना के दिन जब सीओ जहॉनाबाद निर्मल कुमार विष्ट ने दिल्ली पुलिस के
माध्यम से मृतका जलधारा के पति सत्यपाल से बात की तो उसने बताया कि वह नहीं
जानता कि पीलीभीत कहां है, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस पर बात करने पर उसने
मूल निवासी दातागंज बदायूं बताया। इस पर जब उससे पीलीभीत में रिश्तेदारी और
पीलीभीत आने की बाद दोहराई गई तो वह सकपका गया।
बता दें कि शव मिलने
के दिन 12 अगस्त को पति ने पीलीभीत कभी नहीं आने और जानकारी की बात कही थी।
उसने कोई रिश्तेदारी होने से भी इंकार कर दिया था। मगर 13 अगस्त को
कुरेदने पर बोला कि उसके भतीजे की शादी जून 15 में शहर की कांशीराम कॉलोनी
(ईदगाह) से हुई थी। वह सिर्फ बारात में आया था। अलग-अलग बयानों से पुलिस का
संदेश उसके पति पर गहरा गया है। सीओ निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि बदले
बयानों से पति की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस दो-तीन दिन में पति को बुलाकर
पूछताछ करेगी।