रंजिश के चलते मुखबिर ने टाटा 407 में चरस ले जाने की झूठी सूचना पुलिस को दे दी। यही नहीं तस्करी के आरोप में झूठा फंसाने के लिए गाड़ी में पाउडर जैसे पदार्थ का पैकेट भी रख दिया। पुलिस ने गाड़ी में सवार एक महिला व पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सूचना झूठी पाए जाने पर मुखबिर को हिरासत में ले लिया गया। रविवार रात एसओजी के मुखबिर ने सूचना दी कि नानकमत्ता की ओर से आ रही टाटा 407 में सवार महिला व पुरुष नेपाल से चरस लेकर आ रहे है। इस पर एसओजी प्रभारी रूमसिंह वघेल टीम के साथ छतरी चौराहा पर घेराबंदी में जुट गए। कुछ ही देर में बताए नंबर के आधार पर टाटा 407 को पकड़ लिया गया। गाड़ी में तलाशी लेने पर एक पैकेट मिला, जिसे पुलिस चरस मान बैठी। कार सवार महिला व पुरुष ने बरामद पैकेट के बारे में जानकारी होने से खुद को अनजान बताया। एसओजी ने सूचना एसपी को दी। एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी अनुराग दर्शन मौके पर पहुंचे। उन्होंने पैकेट खुलवाकर उसमें मिले पदार्थ की जांच कराई। जांच में पैकेट के भीतर रखा पदार्थ चरस नहीं निकला। पुलिस ने सूचना देने वाले का नंबर मिलाया तो मोबाइल स्विच ऑफ निकला। दूसरे दिन सोमवार सुबह पुलिस ने सूचना देने वाले को हिरासत में लेकर टाटा 407 में मिले महिला पुरुष से सामना कराया। तब मामला रुपये के लेनदेन का निकला। सीओ सिटी अनुराग दर्शन ने बताया कि टाटा 407 में चरस तस्करी करके ले जाने का आरोप झूठा निकला। पैकेट में चरस के स्थान पर गन्ने की मैली व रेत जैसा पाउडर प्रतीत हो रहा है।