बारह पत्थर चौराहे पर चेकिंग के दौरान खाद्य निरीक्षक और दुकानदार में
विवाद हो गया। आरोप है कि खाद्य निरीक्षक ने दुकान का कुछ सामान उठाकर फेंक
दिया। इसके बाद दुकानदार ने साथियों के साथ खाद्य निरीक्षक के खिलाफ
प्रदर्शन किया।
खाद्य निरीक्षक सर्वेश कुमार सागर ने बताया कि वह शनिवार
को बारह पत्थर चौराहे पर स्थित राममिलन गुप्ता की किराने की दुकान पर
पहुंचे और लाइसेंस दिखाने को कहा। लाइसेंस न होने पर उन्होंने दुकानदार से
निर्धारित शुल्क जमा कर लाइसेंस बनवाने और तब तक दुकान बंद रखने का सुझाव
दिया।
वहीं दुकानदार भी भड़क गया और कहा कि नगर में तमाम दुकानदारों के
पास लाइसेंस नहीं हैं, फिर केवल उसे ही लाइसेंस बनवाने के लिए बाध्य क्यों
किया जा रहा है। इसी बात पर दोनों लोगों में विवाद होने लगा। दुकानदार का
आरोप है कि खाद्य निरीक्षक ने उसका सामान बाहर फेंक दिया।
खाद्य
निरीक्षक का कहना है कि नाटक करने के लिए दुकानदार ने अपना सामान स्वयं
फेंका है। उसके बाद दुकानदार ने सेलफोन से सूचना देकर अपने कई साथियों को
मौके पर बुला लिया, तभी खाद्य निरीक्षक चले गए। बाद में दुकानदारों ने
खाद्य निरीक्षक के विरुद्ध प्रदर्शन और नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन
में राममिलन गुप्ता, संजीव जायसवाल, राजीव अग्रवाल, अवधेश गुप्ता, राहुल
कुमार, अमन कुमार, पप्पू, सुरेंद्र गुप्ता, दीपक कुमार, अमित कुमार और शानू
समेत तमाम दुकानदार शामिल थे। बाद में दुकानदार ने कोतवाली में खाद्य
निरीक्षक के विरुद्ध दो हजार रुपये रिश्वत मांगने, गाली गलौज करने, मारपीट
करने, दुकान का सामान फेंकने आदि का आरोप लगाया है। थाना प्रभारी केपी सिंह
ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।