मोहल्ला देशनगर की एक महिला ने महिला थानाध्यक्ष पर पति से मोटी रकम लेकर उसको पंचायत के नाम पर बुलाकर थाना परिसर में तीन तलाक कराने का आरोप लगाया। न्याय न मिलने पर बच्चों संग आत्महत्या करने की चेतावनी तक दे डाली। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जिसमें मामला झूठा पाए जाने पर एसपी ने शिकायतकर्ता पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गुड़गांव (हरियाणा) के सीकोपुर निवासी फिरोज बानो ने एसपी को दिए शिकायत पत्र में बताया कि उसकी शादी नौ साल पहले मोहल्ला देशनगर शाहजी कालोनी निवासी मोहम्मद अशरफ से हुई थी। जिससे उसको दो बच्चे अलीशा (7) और छह माह का बेटा आहिल है। पिछले काफी समय से दंपति हरियाणा में रहकर मजदूरी करते थे। तीन माह पहले पति अशरफ बिना बताए पीलीभीत आ गया और अपनी पहली पत्नी फात्मा के साथ रहने लगा। कोई सहारा न होने के कारण वह भी यहां आकर उसी के साथ एक मकान में रहने लगी। आरोप है कि एक माह से पति आए दिन मारपीट कर रहा था। जिसकी शिकायत महिला एसओ से की गई। आरोप है कि महिला थानाध्यक्ष ने पति से सुविधा शुल्क लेकर उसको 23 मई को पंचायत कराने के बहाने थाने पर बुला लिया। जहां पति पहले से मौजूद था। इसके बाद पति से जबरन तीन तलाक करा दिया। इसका विरोध करने पर चरस में जेल भेजने की धमकी देकर भगा दिया। महिला एसओ पर संगीन आरोप लगने के साथ ही थाना परिसर में तीन तलाक सुनकर अफसर दंग रह गए। तत्काल मामले की जांच शुरू की गई। जिसमें आरोप गलत निकले। एसपी देवरंजन वर्मा ने महिला थानाध्यक्ष से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा महिला के शिकायत पत्र से जुड़ी जानकारी की गई।
000
आरोप झूठे, महिला पर कराएंगे कार्रवाई
महिला की यह चौथी शादी है। पति की जमीन को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। जिसके बाद एक हिस्सा महिला को पति ने दे दिया। जहां दोनों रहते रहे। महिला ने और हिस्सा मांगने का दबाव बनाया, जिस पर पति ने हरियाणा में एक माह पूर्व उसको तलाक दे दिया। पति को फंसाने के उद्देश्य से उसने थाने में तीन तलाक का आरोप एसओ पर लगा दिया था। जांच में आरोप पूरी तरह से झूठे पाए गए हैं। झूठी शिकायत करने पर महिला पर 182 की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
देवरंजन वर्मा, एसपी