रामलीला मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता कुलदीप सक्सेना की मौत के मामले को लेकर पूरनपुर के वकील दो भागों में बंट गए हैं। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक में कुलदीप सक्सेना की पत्नी के मदद के प्रार्थना पत्र पर उनको आर्थिक सहायता देने का निर्णय हुआ। न्यू प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक में घटना में चार वकीलों के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट को फर्जी बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग उठाई गई। ऐसा न होने पर बृहस्पतिवार से तीन दिन तक कलमबंद हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया गया।
मोहल्ला कायस्थान निवासी वकील और श्रीराम लीला मेला कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सक्सेना ने सोमवार को कथित तौर पर जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने कुलदीप सक्सेना की पत्नी रश्मि की ओर से अधिवक्ता रजनीश सक्सेना, राजेश्वर मिश्र, विष्णु वर्मा, आदित्य मोहन के खिलाफ आत्महत्या को प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से बिसरा सुरक्षित किया गया है। कुलदीप सक्सेना की मौत का मामला वकीलों के अलावा नगर के लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, वकील की मौत और चार वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने को लेकर पूरनपुर के वकील दो भागों में बंट गए हैं। इसको लेकर प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन और न्यू प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन की अलग-अलग बैठक हुई। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक में कुलदीप सक्सेना की विधवा रश्मि के मदद के प्रार्थना पत्र पर उनको आर्थिक सहायता करने का निर्णय लिया गया। एसोसिएशन के महामंत्री अमिताभ मिश्र ने बताया कि बैठक मेें यह भी तय हुआ कि घटना में पुलिस का पक्षपात रवैया या लापरवाही किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं की जाएगी। मामले में अगर लापरवाही और पक्षपात हुआ तब पुलिस के खिलाफ आंदोलन होगा। उधर, न्यू प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन की उपाध्यक्ष राजेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में घटना में चार वकीलों और अन्य के खिलाफ दर्ज झूठी रिपोर्ट को तत्काल प्रभाव से वापस करने की मांग की गई। साथ ही मांग को लेकर शनिवार तक कलमबंद हड़ताल कर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय भी लिया गया।