जानलेवा हमले का आरोपी थाना दियोरिया के गांव आमडंडा निवासी बालिस्टर दोषी ठहराए जाने के बाद कोर्ट मोहर्रिर की अभिरक्षा से अदालत से फरार हो गया। बालिस्टर का गैर जमानती वारंट जारी कर 25 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश एसओ दियोरिया को दिए गए हैं। कोर्ट के आदेश पर सिपाही चंद्रसेन के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांव आमडंडा निवासी मलखान ने दियोरिया कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके अनुसार 25 जून 2011 को आठ बजे शाम उसका फुफेरा भाई बालिस्टर उसके घर आया और गाली देते हुए अपने हिस्से की जमीन मांगी। मना करने पर जान से मारने की नीयत से फायर कर उसकी पत्नी नन्हीं देवी व ताई रामबेटी को चोट पहुंचाई। शोर पर ग्रामीण आ गए इस पर आरोपी तमंचा लहराते हुए भाग गया। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश शिवमणि शुक्ल ने बालिस्टर को धारा 307, 504 व 506 आईपीसी में दोषी ठहराया। उसे दोषी ठहराने के बाद कोर्ट मोर्हिरर चंद्रसेन की अभिरक्षा में दिया गया। आरोपी को सजा सुनाने के लिए जब कोर्ट ने तलब किया तब चंद्रसेन ने बताया कि उसकी न्यायिक अभिरक्षा से आरोपी न्यायकक्ष के लॉकअप से निकल गया। न्यायालय ने कोर्ट मोहर्रिर का यह कृत्य घोर लापरवाही पूर्ण और पदीय कर्तव्यों के विपरीत पाया। अपर सत्र न्यायाधीश शिवमणि शुक्ल ने कोर्ट मोहर्रिर पर कार्रवाई के लिए एसपी को आदेशित किया। इस पर सिपाही चंद्रसेन के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हो गया है। कोर्ट ने एसओ दियोरिया कलां को आदेश दिया है कि बालिस्टर को एनबीडब्ल्यू के जरिए गिरफ्तार कर 25 जुलाई को कोर्ट में पेश करें।