शाहजहांपुर की सीमा पर स्थित समग्र गांव राठ में शिक्षण व्यवस्था एक अरसे से पटरी से उतरी हुई है। आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका आशा कुमारी कभी भी ड्यूटी पर नहीं आती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अंबेडकर गांव भगवंतापुर यही प्रधानाध्यापिका तैनात थीं। अधिकारियों के हर रोज होने वाले निरीक्षण के कारण प्रधानाध्यापिका को गांव राठ में तैनात कर दिया गया। जबकि यहां तैनात शिक्षक वली मोहम्मद को भगवंतापुर भेज दिया गया। अब चूंकि गांव राठ समग्र गांव के रूप में चयनित है और सोमवार को जिले में नोडल अधिकारी का दौरा भी है। ऐसे में ब्लाक प्रशासन तो अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने में जुट गया है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के किसी भी अधिकारी ने अभी तक गांव पहुंचने की जहमत नहीं उठाई और न ही ड्यूटी से नदारद चल रहीं अध्यापिका के खिलाफ कोई कार्रवाई की। मालूम हो कि प्रधानाध्यापिका शाहजहांपुर के गांव नबाबपुर निवासी एक पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की पत्नी हैं। प्रधान भानुप्रताप सिंह तोमर बताया कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत भी कराया लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर प्रधानाध्यापिका आशा कुमारी का कहना है कि वह कभी भी ड्यूटी से गायब नहीं रहती हैं आरोप गलत हैं।
मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापिका के अलावा स्थानीय स्तर के वे अधिकारी भी दंडित किए जाएंगे जो मामले को अब तक छिपा रहे हैं।
अंबरीष कुमार यादव, बीएसए