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खटारा स्कूल बस के फर्श से नीचे गिरा छात्र, कुचल कर मौत

Thu, 09 Apr 2015 11:58 PM IST
पीलीभीत/ शाहजहांपुर।
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जिस स्कूल बस से नौ साल का ध्रुव रोज स्कूल जाता था, गुरुवार को वही उसके लिए काल बन गई। वह ड्राइवर के पास वाली सीट के करीब खड़ा था तभी उसके पैरों के नीचे का जर्जर फर्श टूट गया और वह नीचे जा गिरा। अगले ही पल बस का पिछला पहिया उसके ऊपर से गुजर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना के बाद बस चालक मौके पर ही फरार हो गया। घटना के विरोध में लोगों ने बाजार बंद कर चक्का जाम कर दिया। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर बस को कब्जे में ले लिया है। घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन के के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जाम लगाकर जमकर नारेबाजी की। बीसलपुर के सीओ सुबेग सिंह सिद्धू और विधायक रामसरन वर्मा ने लोगों को समझाकर शांत किया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

 बंडा क्षेत्र के गांव मकसूदापुर स्थित बजाज चीनी मिल परिसर में बजाज पब्लिक स्कूल है। स्कूल से बच्चों को लाने-ले जाने के लिए बरेली की दिशा ट्रेवल्स की बसों को लगाया गया है। बृहस्पतिवार को कक्षा चार में पढ़ने वाला ध्रुव कुमार छुट्टी के बाद अन्य बच्चों के साथ बस से घर आ रहा था। बिलसंडा पहुंचने पर कस्बा निवासी एवं प्रमुख उर्वरक व्यवसायी डॉ. सुरेंद्र कुमार अग्रवाल का पौत्र ध्रुव जैसे ही सीट से खड़ा हुआ, बस की सड़ी-गली फर्श टूट गई और वह सड़क पर जा गिरा।
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चालक जब तक बस रोक पाता, बस का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। बस उसके घर से मात्र 100 मीटर दूर रह गई थी। खबर कस्बे में फैली तो लोगों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं और विरोध में शाम तक बाजार बंद रहा। परिवार के लोगों का आरोप था कि अभिभावकों ने तमाम बार खटारा बस को बदलने की मांग की लेकिन स्कूल प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। लोग स्कूल प्रबंधन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे।

यू ए 04-1477 नंबर की इस बस का अंदर का हिस्सा तो जर्जर है कि बाहर की टिन भी सड़ चुकी है। पहले यह बस बरेली के दिशा ट्रेवल्स की बताई जा रही थी लेकिन बरेली आरटीओ से पता करने पर बस शाहजहांपुर निवासी कैलाश मैनाली की पाई गई। बस का फिटनेस 2013 में ही एक्सपायर हो चुका था।
 पता होता तो नहीं भेजती स्कूल
सुबह जब मासूम ध्रुव को तैयार करके स्कूल भेजा था, उस समय अगर जरा सा भी अहसास हो जाता तो वह उसे स्कूल नहीं भेजती। बेटे की लाश पर विलाप करते हुए उसकी मां मोना यही कहे जा रही थी कि उसके लाल ने किसी का क्या बिगाड़ा जो ऊपर वाले ने इतनी बड़ी सजा दे दी। संजीव अग्रवाल के दो बेटों में ध्रुव छोटा था। बड़ा बेटा ओम नगर के सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा छह में पढ़ता है।
प्रबंधन चेत जाता तो नहीं जाती बच्चे की जान
मकसूदापुर (शाहजहांपुर) बजाज शुगर मिल परिसर में ही चल रहे बजाज पब्लिक स्कूल में सीमावर्ती पीलीभीत जिले के कई गांवों के बच्चे भी पढ़ने जाते हैं। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को लाने-ले जाने के लिए बरेली की दिशा ट्रेवल्स से बसों को किराए पर ले रखा है। पुलिस, परिवहन अधिकारियों की मिलीभगत से यह खटारा व जर्जर बसें बेरोकटोक बच्चों को स्कूल लाती व ले जाती हैं।

स्कूल प्रबंधन इस सुविधा के लिए बच्चों से इसका बाकायदा शुल्क भी लेता है लेकिन इसके बाद भी बच्चों को खटारा व जर्जर बसों से लाया व ले जाया जाता है। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंध समिति के समक्ष कई बार अपने बच्चों को इस बस से भेजने के लिए इंकार भी किया था लेकिन इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों की शिकायत पर गौर नहीं किया।
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स्कूल प्रबंधन का कई बार ध्यान खस्ताहाल बस की ओर दिलाते हुए इसे बदलने की मांग की थी। पर उन्होंने नहंीं माना। मेरे पुत्र की मौत के लिए स्कूल सीधे तौर पर स्कूल प्रबंधन दोषी है। उसे सजा दिलाने के लिए हर स्तर की लड़ाई लड़ेंगे।
- संजीव अग्रवाल, मृतक के पिता
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घटना की जानकारी मिली है। एसपी को शुक्रवार को जिले के सभी स्कूलों की बसों को चेक करने के निर्देश दे दिए गए हैं। एआरटीओ से भी अभियान चला कार्रवाई को कहा है। जिले में अगर कहीं भी खटारा स्कूल वाहन से कोई दुर्घटना होती है तो इसके लिए एआरटीओ जिम्मेदार होंगे। उन्हें यह चेतावनी भी दे दी गई है।
- ओमनरायन सिंह, जिलाधिकारी
बेपरवाह ः मौत का दूत बन दौड़ रहे स्कूली वाहन
पीलीभीत। परिवहन विभाग स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा-व्यवस्था मजबूत होने के भले ही कितने कसीदे गढ़े, लेकिन बिलसंडा में बस से गिरे छात्र की मौत ने महकमे की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

जिले के उपसंभागीय परिवहन विभाग कार्यालय में करीब 14 बड़ी स्कूली बसें व तीन मिनी बसें पंजीकृत हैं। इन स्कूली वाहनों को विभाग द्वारा फिटनेस समेत अन्य मानकों को देखने के बाद ही संचालित करने की अनुमति दी जाती है। वहीं बस चालकों को यातायात नियमों का पालन करने और बच्चों के चढ़ने उतरने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की ताकीद दी जाती है। शहर को छोड़कर बात करें तो ग्रामीण अंचलों के स्कूल कॉलेजों में आज भी खटारा मिनी बसों और मैजिक आदि से बच्चों को ढोया जा रहा है।

बिलसंडा में स्कूली बस की फर्श की चादर फटने से एक छात्र की हुई दर्दनाक मौत ने परिवहन विभाग के फिटनेस प्रमाणपत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। खास बात यह है कि यह बस जिस स्कूल की है उसमे और भी कई इसी तरह के वाहन हैं।
 ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं है अंकुश
जिला मुख्यालय को छोड़कर तहसील क्षेत्रों के स्कूल कॉलेजों के स्कूली वाहनों पर नजर दौड़ाई जाए तो यहां परिवहन विभाग अंकुश लगाने में नाकाम ही साबित दिख रहा है। स्कूल कॉलेजों द्वारा खटारा वाहनों से बच्चों को ढोया जा रहा है।
एलपीजी गैस से चलाये जाते हैं स्कूली वाहन
बिलसंडा। स्कूल संचालक अभिभावकों से बच्चों को लाने और पहुंचाने के नाम पर शुल्क तो मनमाना वसूलते हैं लेकिन व्यवस्था के नाम पर जरा भी ध्यान नहीं देते है। नगर के कई ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने बच्चों को लाने और पहुंचाने के लिए वैन और मैजिक की व्यवस्था कर रखी है लेकिन उनकी भी दशा न केवल बदतर है बल्कि कई वैन तो ऐसी हैं जिन्हें एलपीजी गैस से चलाया जाता है। स्कूल वाहन गैस से चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते स्कूल संचालक मनमानी पर उतारू हैं।
सामने की नंबर प्लेट तक गायब थी
बिलसंडा। जिस बस से कसबे के छात्र ध्रुव की मौत हुई वह बस भीतर से लेकर बाहर तक जर्जर थी। इसकी यह दशा बस खुद बया कर रही थी।

   यूए-04/1477 नंबर की इस बस के कई शीशे गायब थे। बस की सीटें भी खस्ताहाल थीं। आगे नंबर प्लेट तक नहीं थी। चलने पर इस खचाड़ा बस की बाड़ी इतना आवाज करती थी कि बस में बैटे बच्चे एक दूसरे की बात तक नहीं समझ पाते थे। बैकलाइट भी ठीक नहीं थी।
स्कूल प्रबंधन फरार
बिलसंडा। मकसूदापुर चीनी मिल परिसर स्थित बजाज पब्लिक  स्कूल का प्रबंधन घटना की सूचना मिलने पर  बच्चे के परिवार वालों को ढ़ाढ़स बंधाने जाने के बजाय स्कूल परिसर छोड़ कर फरार हो गया। यही नहीं इस स्कूल में इस तरह के और भी कई खस्ताहाल वाहन खड़े थे, जिन्हें आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन ने स्कूल से हटवा दिया। ये बसे अब कहां हैं उनका कोई पता नहीं है। स्कूल की प्रधानाचार्या का फोन नंबर भी बंद मिला। आक्रोशित लोग कहीं हमला न बोल दें इस लिए प्रबंधतंत्र ने वहां चीनी मिल के सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने के साथ उन्हें एलर्ट कर दिया तथा मिल गेट पर ताला भी डाल दिया।
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