शहर निवासी एक महिला ने अपनी सौतेली बहन पर उसके सगे विकलांग भाई को बंधक बनाकर दो महीने से पिटाई करने और खाना आदि न देने का आरोप लगाया है। एसपी से शिकायत होने पर शहर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आरोप की पुष्टि न होने का दावा शहर कोतवाल ने किया है।
बता दें कि वर्ष 2013 में शहर की एक किशोरी ने पॉश कॉलोनी निवासी अपने सौतेले पिता के खिलाफ दुराचार करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी का चालान कर दिया था। दुराचार पीड़िता अपने सौतेले विकलांग भाई के साथ आरोपी पिता के मकान में रहती है। सोमवार को विकलांग भाई की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, जेल में बंद आरोपी की सगी पुत्री होने का दावा करने वाली एक विवाहिता एसपी से मिली और बताया कि दुराचार के झूठे मामले में पिता को जेल भिजवाने वाली सौतेली बहन ने उसके विकलांग किशोर भाई को बंधक बनाकर शारीरिक यातनाएं दी हैं। जिससे उसकी हालत खराब हो गई। वह जिला अस्पताल में भर्ती है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेकर शहर कोतवाल को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए।
मौके पर जाकर मामले की जांच की गई। जांच में मामला संपत्ति विवाद का निकला। मौके पर बंधक बनाकर मारपीट करने की बात की पुष्टि नहीं हुई है। विकलांग मंदबुद्धि है। हालत गंभीर होने के कारण वह अभी बयान देने की स्थित में नहीं है। हालत में सुधार होने पर उसके पुलिस बयान लेगी। मामले की तहरीर अभी उन्हें नहीं मिली है।
संग्राम सिंह, शहर कोतवाल