कर्ज में डूबे गांव शहबाजपुर के किसान 42 वर्षीय विजयपाल ने गोली मारकर हत्या कर ली। जिससे उसके घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एएसपी ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया और घरवालों और आसपास के ग्रामीणों से घटना के बावत जानकारी ली।
गांव शहबाजपुर निवासी कुंवरसेन गंगवार ने बताया कि उनके चाचा विजयपाल पर बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक बरसिया का एक लाख और खांडेपुर साधन सहकारी समिति का 25 हजार रुपये ऋण था। कई रिश्तेदारों का करीब एक लाख रुपये ऋण था। तगादों से उसके चाचा काफी परेशान थे। शुक्रवार की रात नौ बजे चारपाई पर लेटकर उन्होंने तमंचे से सीने में गोली मार ली, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली सीने को भेदते हुए जमीन में जा धंसी। गोली चलने की आवाज पर उनकी पत्नी कल्पना देवी जब मौके पर पहुंची तो विजयपाल खून से लथपथ तड़फ रहे थे। फायरिंग और चीखपुकार पर आसपास के तमाम लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले जाते। इससे पहले ही विजयपाल ने दम तोड़ दिया। घरवालों ने ही घटना की सूचना रात में ही पुलिस को दी, लेकिन पुलिस शनिवार की सुबह मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से 315 बोर का तमंचा, कारतूस का खोखा और एक जीवित कारतूस बरामद किया है। घर के मुखिया की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। घर वालों का रोते रोते बुरा हाल हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मौके पर जाकर मैने परिवार और आसपास के लोगों से बातचीत की है। यह सही है कि किसान पर कर्ज था। अब उसने आत्महत्या क्यों की है? इसकी जांच की जा रही है। मृतक के भतीजे ने आत्महत्या की तहरीर पुलिस को दी है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- विकास कुमार वैद्ध, एएसपी