पर्यावरण संरक्षण को एक ओर मुख्यमंत्री के निर्देश पर पौधरोपण का विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर विभागीय मिलीभगत से पेड़ों का अवैध कटान जारी है। रविवार को कुछ लोगों ने लकड़ी भरी ट्राली पकड़ कर वन विभाग को सौंप दी लेकिन रेंज कार्यालय ले जाकर हजारों रुपये कीमत की लकड़ी को मात्र पांच हजार रुपये जुर्माना लेकर छोड़ दिया।
विभागीय मिलीभगत से जिले में लकड़ी कटान का खेल काफी समय से चल रहा है। जंगल के अलावा खेतों में आम, शीशम, सागौन एवं सेमल के पेड़ों को बिना परमिट कटवाकर बेचा रहा है। रविवार को न्यूरिया से सेमल और यूकेलिप्टस की लकड़ी लेकर शहर आ रही एक ट्राली कुछ लोगों ने पकड़कर वन विभाग को सौंप दी। सूचना पर पहुंचे डिप्टी रेंजर दीनानाथ ट्रैक्टर ट्राली को नकटदाना स्थित सामाजिक वानिकी के कार्यालय ले गए लेकिन यहां पहुंचकर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हजारों रुपये कीमत की बेनामी लकड़ी लदी ट्रैक्टर ट्राली को मात्र पांच हजार रुपये का जुर्माना लेकर छोड़ दिया। ट्राली में नीचे सेमल के करीब 4-6 फिट गोलाई के छह लठ्ठे थे। इसे छिपाने के लिए ऊपर एवं पीछे की ओर यूकेलिप्टिस की लकड़ी लादी गई थी।
ठेकेदार साथ होने के बाद भी नहीं की कार्रवाई
हजारों रुपये की लकड़ी भरी ट्राली पकडने की जानकारी के कुछ समय बाद ही ठेकेदार भी पहुंच गया। उसने मोके पर ही मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया लेकिन मीडिया कर्मियों के पहुंच जाने के चलते दाल नहीं गली। इसके बाद रेंज कार्यालय पहुंचकर मामला सुलटा लिया गया। इसमें ट्रैक्टर चालक नईम के नाम से जुर्माना डाला गया। विभाग ने लकड़ी कहां से आई है कहां जा रही है। किस आदेश से किसके खेत या जगह से काटी गई आदि जानकारियां लेना तक मुनासिब नहीं समझा। साथ ही मौके पर मौजूद होने के बाद भी ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
लकड़ी की ट्राली को कार्यालय लाकर उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई थी। अधिकारियों के आदेश पर पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला कर ट्राली को छोड़ा गया है।
दीनानाथ, डिप्टी रेंजर, सामाजिक वानिकी