पंचायत चुनाव में सरकारी अमला किस तरह उगाही में जुटा है, इसकी हकीकत कैमरे से ली गई तस्वीरों से सामने आई है। ब्लाक में प्रत्याशियों से नोडयूज के नाम पर खुलेआम 100-100 रुपये लिए जा रहे हैं। कलई खुलने के बाद ब्लाक पर मौजूद अधिकारियों ने इसकी जांच करा कार्रवाई की बात कही है। वहीं जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने इसे गंभीरता लिया है।
ब्लाक में तीसरे चरण में चुनाव होना है। इसके लिए यहां दो दिन से नामांकन चल रहा है। नामांकन से पूर्व प्रत्याशियों को अपने नामांकन पत्र के साथ नोड्यूज लगाना पड़ रहा है।
प्रधान/ग्राम पंचायत सदस्य बनने की चाहत और नामांकन जल्द जमा करने के चलते में प्रत्याशी जब नोड्यूज हासिल करने ब्लाक अधिकारियों से संपर्क करते हैं तो उन्हें इस कार्य के लिए अलग बैठाए गए कर्मचारियों के पास भेज दिया जाता है। यहां कर्मचारी एक फार्म पर प्रत्याशी का नाम और गांव अंकित कर बीडीओ की मोहर लगाकर उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर से 100-100 रुपये लेकर नोड्यूज जारी कर रहे हैं। खुलेआम चल रहे इस लेनदेन का कुछ लोगों ने छिपकर वीडियो क्लिप बना ली। इसकी जब जानकारी कर्मचारियों को हुई तो वहां अफरा-तफरी मच गई। ब्लाक पर बैठे अधिकारी भी सकते में आ गए। इस वीडियो में एक प्रत्याशी जेब से नोट निकालकर मेज किनारे कुर्सी पर बैठे कर्मचारी को दे रहा है और वह कर्मचारी सामने बैठे अपने दूसरे साथी के पास उसे रखवा रहा है। इस बाबत जानकारी करने पर बीडीओ डॉ. विवेकानंद ने बताया कि नोड्यूज का कोई शुल्क नहीं है। यदि कोई कर्मचारी शुल्क ले रहा है तो यह गलत है।
ब्लाक से नोड्यूज का कोई शुल्क नहीं है। यदि कहीं ऐसा हुआ है और इसकी शिकायत मिलती है तो जांच कराकर आरोपी कर्मचारी-अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मासूम अली सरवर, डीएम