बोलेरो में सवार होकर आए डकैतों ने नगर के तीन घरों से नगदी, जेवर समेत करीब डाई लाख का माल समेट लिया। डकैतों ने इस दौरान परिवार को लोगों को बांधकर बुरी तरह पीटा और फिर उन्हें कमरों में बंद कर दिया। डकैती की घटना को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। खबर मिलने पर सिर्फ एक दरोगा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस का कोई जिम्मेदार अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट भी चोरी में दर्ज की है।
मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी सुखपाल राठौर ने बताया उनके घर में मेन दरवाजा नहीं लगा है। रात करीब 12 बजे बदमाश घर से कुछ दूरी पर स्थित एक स्कूल के पास बोलेरो खड़ी कर घुस आए। बदमाशों ने परिवार वालों को बिस्तरों पर ही दबोचकर गन प्वाइंट पर ले लिया और सभी को कमरे में बंद कर जमकर पीटा। डकैतों ने यहां से 10 हजार की नगदी, तीन मोबाइल और जेवर समेत करीब एक लाख का सामान लूट लिया। सभी को कमरे में बंद करने के बाद बदमाश पड़ोसी बुझारत यादव के घर में चौखट उखाड़कर घुस गए। यहां भी घर वालों की बांधकर पिटाई की और कमरे में बंद कर 50 हजार की नगदी, चार मोबाइल और जेवर समेत करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान लूट ले गए। दोनों घटनाओं को अंजाम देकर बदमाश बोलेरो में सवार होकर बारह पत्थर चौराहे की ओर चले गए। बुझारत ने बताया कि बदमाशों की संख्या सात थी। बदमाशों के जाने पर उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के लोग पहुंचे और कुंडी खोलकर उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद बदमाश सरस्वती विहार कॉलोनी निवासी नन्हेलाल श्रीवास्तव के खुले घर में घुसे। घर वालों को तमंचों के बल पर कब्जे में कर बक्से में रखी एक हजार की नगदी लूट ली। यहां लूटपाट करने के बाद नन्हेलाल को पकड़कर इसी मोहल्ले में रह रहे उनके साले सुम्मेर लाल के दरवाजे पर पहुंचे। बदमाशों के कहने पर नन्हेलाल ने दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खुलते ही बदमाश सुम्मेर लाल के घर में घुस गए। घर वालों को बंधक बनाने का प्रयास किया तभी गृह स्वामिनी नन्ही देवी ने छत पर पहुंचकर शोर मचा दिया। इस पर बदमाश फायरिंग करते हुए भाग गए। पीड़ित सुखपाल और बुझारत यादव ने घटना की तहरीर पुलिस को दी है। प्रभारी कोतवाल केपी सिंह ने बताया कि लूटपाट नहीं हुई है। घटना चोरी की है, इसलिए चोरी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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नई उम्र के थे बदमाश
बदमाशों की पिटाई और घटना को याद कर पीड़ितों की रूह कांप उठती है। पीड़ित सुखपाल और बुझारत यादव ने बताया कि बदमाशों की उम्र 22 से 25 के बीच थी। सभी बदमाशों के पास धारदार हथियार और तमंचे थे। सभी बदमाशों के चेहरे खुले हुए थे। वह कहीं देहात की भाषा बोलते थे तो कहीं मुस्लिमों की भाषा में बात करने लगते।
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बजती रही घंटी नहीं उठा कोतवाली का फोन
मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी सुखपाल ने बताया कि जब पड़ोसियों ने उन्हें कमरा खोलकर बंधन मुक्त कराया तो उन्होंने पड़ोसी का मोबाइल मांगकर कोतवाली के पीएनटी नंबर पर कॉल की। घंटी लगातार जाती रही, लेकिन तीन बार कॉल करने के बाद भी पुलिस का फोन नहीं उठा।
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फील्ड यूनिट, डॉगस्क्वायड को भी नहीं दी सूचना
बीसलपुर में चार घरों में पड़ी डकैती की घटना को स्थानीय पुलिस से लेकर एसपी अनिल कुमार सिंह तक गंभीर नहीं हुए। पुलिस ने फील्ड यूनिट व डॉगस्क्वायड को भी घटना की सूचना नहीं दी।