हादसे में घायल हुए युवकों का इलाज कराने के बजाए उनको पीलीभीत लाकर छोड़ दिया गया। रोडवेज बस का टिकट वापस लेकर पांच सौ रुपये खुद इलाज करा लेने के लिए दे दिए गए। देहरादून से मजदूरी कर घर लौट रहे तीन युवकों ने रोडवेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है।
सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के बरगदिया गांव के निवासी आकाश, अनुज और अभिषेक देहरादून की एक फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। शनिवार रात को तीनों छुट्टी लेकर घर आने के लिए निकले। पहले बस से बरेली तक पहुंचे। इसके बाद पीलीभीत डिपो की एक रोडवेज बस में सवार हुए। पीलीभीत आते वक्त बस ट्रक से टकराकर हाफिजगंज थाना क्षेत्र में पुल से नीचे उतर गई, जिसमें अन्य यात्रियों के साथ वह भी घायल हो गए। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उनको पीलीभीत आ रही दूसरी रोडवेज की बस में बैठा दिया, जिससे वह यहां रोडवेज तक आए। आरोप है कि यहां पहुंचने पर उन्होंने भीतर कार्यालय में मौजूद एक विभागीय व्यक्ति को हादसे के बारे में बताया और इलाज कराने की मांग की। आरोप है कि उक्त कर्मचारी ने उनके टिकट वापस ले लिए। पांच-पांच सौ रुपये देकर खुद ही इलाज कराने की बात कहकर जाने को कह दिया गया। आरोप यह भी है कि एक सादे कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए। इसकी सूचना मिलने पर उनके घरवाले भी कुछ देर में आ गए। रोडवेज प्रशासन पर मुआवजा देने से बचने के लिए ऐसा करने का आरोप लगाया। घरवालों ने कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से करने की बात कही है।