आसाम चौराहा पर सवारी का इंतजार कर रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पति को लग्जरी कार में सवार चार बदमाशों ने लिफ्ट दी। इसके बाद खुद को एसओजी टीम बताकर पांच हजार रुपये व दो सोने की अंगूठी लूट लीं। विरोध करने पर चलती कार में मारपीट करते रहे और जहानाबाद के लालपुर चौराहा पहुंचकर नीचे फेंक दिया। घटना की सूचना पर रात भर पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। दूसरे दिन अधिकारियों से शिकायत के बाद सुनगढ़ी थाने में मुकदमा दर्ज किया जा सका। पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गनेशगंज निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य किरनलता रस्तोगी के पति दिनेश रस्तोगी सोमवार को ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूवल कराने बरेली गए थे। देर शाम निपटाकर रोडवेज से पीलीभीत लौटे। आसाम चौराहे पर उतरने के बाद पूरनपुर जाने के लिए सवारी का इंतजार करने लगे। तभी सफेद लग्जरी कार में सवार चार युवकों ने लिफ्ट देकर दिनेश को बैठा लिया। पूरनपुर रोड पर कुछ दूर पहुंचकर कार रोक दी। कार सवार चारों युवकों ने खुद को एसओजी टीम का बताकर मारपीट करने लगे। असलहा दिखाकर धमकाते हुए पांच हजार रुपये, दो सोने की अंगूठी लूट लीं। विरोध करने पर कार में रिवाल्वर की बट से पीटा। लूटपाट करने के बाद जहानाबाद क्षेत्र के लालपुर चौराहा पर नीचे फेंक गए। दिनेश ने फोन करके पत्नी को सूचना दी। इसके बाद पत्नी किरनलता परिवारीजनों को साथ लेकर मौके पर गईं। सड़क पर घायल हालत में पड़े मिले दिनेश को लेकर जहानाबाद थाने गईं, लेकिन पुलिस ने मामला सुनगढ़ी क्षेत्र बताकर टाल दिया। सुनगढ़ी थाने जाने पर वहां की पुलिस ने बिना कार्रवाई किए जहानाबाद जाकर शिकायत करने को कहा। इधर-उधर भटकने के बाद घरवाले प्राथमिक इलाज कराने के बाद दिनेश को घर ले गए। मंगलवार सुबह दिनेश और उनकी पत्नी एसपी कार्यालय पहुंचे और दुखड़ा सुनाया।
बोले, पति को छुड़ाना है तो लाओ 50 हजार
पीड़ित ने बताया कि कार में बंधक बनाने के बाद बदमाशों ने पत्नी के मोबाइल पर फोन कराया था। इसमें शिकायत का हवाला देकर गिरफ्तारी की बात कही। पति को छुड़ाने के लिए 50 हजार की रकम लेकर पीलीभीत आने को कह गया था।
अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घायल का मेडिकल कराया गया है। जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा। - हरगोविंद सिंह, सुनगढ़ी इंस्पेक्टर