गुन्हान क्षेत्र में हाथी की हुई मौत के बाद 30-35 हाथियों के झुंड ने बुधवार रात गभिया सहराई में जमकर तांडव मचाया। उन्होंने कई किसानों की धान की फसलों को तहस नहस कर डाला। हाथियों को रौद्र रूप देख रात में महिलाओं और बच्चों को घर खाली कर पास के गांव भेज दिया गया। करीब साढ़े चार घंटे बाद वन विभाग, एसएसबी, पुलिस समेत करीब 500 ग्रामीणों की भीड़ ने कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को शारदा नदी की ओर खदेड़ दिया। हाथियों का झुंड तो चला गया, लेकिन दूसरे दिन भी गांव में दहशत का माहौल साफ दिखाई दिया।
तराई के गुन्हान क्षेत्र में बुधवार को एक हाथी का शव शारदा कंपार्टमेंट आठ में पड़ा मिला था। इसको लेकर वन विभाग हाथी की मौत के बाद अपनी जांच पड़ताल में जुटा हुआ था। इसके बाद बुधवार रात गभिया सहराई में जो कुछ भी हुआ, ग्रामीण इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते थे।
रात नौ बजे गभिया में हाथियों के झुंड ने दी दस्तक
साथी हाथी की मौत के बाद हाथियों का झुंड वहां से नेपाल की शुक्ला फांटा सेंच्यूरी चला गया था, लेकिन बुधवार रात करीब 30-35 हाथियों का झुंड करीब नौ बजे शारदा नदी से होकर गभिया सहराई क्षेत्र आ धमका और खोखन साना के धान के खेत जा घुसा। गांव के समीप हाथियों के झुंड की चिंघाड़ से गांव में हड़कंप मच गया।
शोर गुल पर तमाम ग्रामीण पहुंचे
गभिया में रात को एकाएक उठे शोर शराबे पर आसपास गांवों के तमाम ग्रामीण भी मौके पर जा पहुंचे। देखते ही देखते करीब 500 ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। किसी के हाथ में टॉर्च तो किसी के हाथ में लाठी।
महिलाओं व बच्चों को दूसरे गांव भेजा
हाथियों के झुंड को भगाने का प्रयास ग्रामीणों ने किया, लेकिन वह असफल रहे। हाथियों के रौद्र रूप को देखते हुए ग्रामीणों ने दहशतजदा महिलाओं व बच्चों को रात में ही आसपास के गांवों में पहुंचा दिया।
रात में गांव पहुंची पुलिस, वनकर्मी व एसएसबी जवान
गभिया सहराई में हाथियों के तांडव की सूचना मिलते ही नगरिया कट के एसएसबी जवान, एसओ विवेक पटेल, रमनगरा चौकी प्रभारी रहमत खां मय फोर्स के गांव में पहुंच गए। इस बीच नौजलिया वन चौकी से वनदरोगा गिरीशचंद भी वनकर्मियों के साथ मौके पर जा पहुंचे।
एक बजे तक डटा रहा हाथियों का झुंड
मौजूद भीड़ ने जब भी शोर गुल व पटाखे दागकर हाथियों को खदेड़ने का प्रयास करती, हाथी उल्टे ही भीड़ को दौड़ा लेते। रात करीब एक बजे तक हाथियों का झुंड डटा रहा।
वन दरोगा को हाथी ने दौड़ाया
हाथियों को भगाने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई। इस बीच वन दरोगा गिरीशचंद धान के खेत में राइफल लेकर बढ़े। तभी एक हाथी उन पर सीधा हो गया। जान बचाने को भागे वन दरोगा की राइफल जल्दबाजी में खेत में ही छूट गई।
साहस कर रात डेढ़ बजे हाथियों को खदेड़ा
हाथियों को हटता न देख भीड़ ने रात करीब सवा बजे एकजुट होकर उन्हें खदेड़ने की रणनीति बनाई। मौजूद भीड़ ने एक साथ कई पटाखे दागे और शोर गुल करना शुरू कर दिया। कुछ मिनट तो हाथी भीड़ के सामने डटे रहे, लेकिन करीब डेढ़ बजे हाथियों का झुंड नौजल्हा नंबर दो की तरफ कूच कर दिया। ग्रामीणों ने हार न मानते हुए उन्हें शारदा नदी के पार लग्गा भग्गा क्षेत्र की ओर खदेड़ दिया। तब कहीं जाकर ग्रामीणों की जान में जान आई।
कई किसानों की फसल की तहस नहस
हाथियों ने गभिया सहराई में खोखन साना, सुभाष, रमेंद्र साना, अतुल ढाली, निरंजन बैरागी, नोनीगोपालदास समेत कई किसानों की धान की फसलों को तहस नहस कर डाला। वनकर्मियों का कहना है कि हाथी नेपाल की ओर चले गए हैं, लेकिन गभिया सहराई व आसपास के शारदा नदी से सटे गांवों में इस बात को लेकर दहशत का माहौल है कि हाथियों का झुंड कही रात को पुन: हमला न बोल दें।