खुद को फाइनेंस कंपनी का प्रबंधक बताकर जालसाज ने एक युवक से चालीस हजार रुपये ऐंठ लिए। इसकी शिकायत करने पर एएसपी ने कार्रवाई करने के बजाए पीड़ित को मुकदमा दर्ज न करने की बात कह भगा दिया। पीड़ित ने आईजी के समक्ष पेश होकर कार्रवाई की मांग की है। कस्बा जहानाबाद के रहने वाले नगर पंचायत कर्मचारी रामऔतार के पुत्र सचिन कुमार ने आईजी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि एक जालसाज ने 29 मार्च को उसको फोन कर खुद को फाइनेंस कंपनी का प्रबंधक बताया। पांच लाख रुपये लोन दिलाने के नाम पर आरोपी ने चार बार में अपने एकाउंट में 40 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बाद दस हजार की और डिमांड शुरू कर दी। पीड़ित से हर बार फोन पर ही आरोपी ने संपर्क साधा। मुलाकात करने की बात कहने पर उसने टालमटोल शुरू कर दी। काफी समय बीतने के बाद भी लोन न मिलने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसकी शिकायत उसने एएसपी से मुलाकात की। आरोप है कि एएसपी ने मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर पीड़ित को भगा दिया। मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर पीड़ित ने आईजी से मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।