सेहरामऊ उत्तरी पुलिस ने गुरुवार को रानीगंज गांव में दबिश दी। मगर पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी अपने घरों से परिवार समेत फरार हो गए। गांव मढ़ाखुर्द और जोगराजपुर से महावत विरादरी के लोग अपने घर छोड़कर इधर-उधर रह रहे हैं। खेत में पानी भरकर मसूर की फसल सुखा देने की शिकायत पर एसओ सेहरामऊ इंद्र कुमार ने टीम के साथ चार मार्च को गांव रानीगंज में दबिश दी थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ शुरू करती, इससे पहले ग्रामीण लाठी, डंडे लेकर एकत्र हुए और पुलिस टीम पर हमलाकर मारपीट शुरू कर दी। जान बचाकर भागते समय पुलिस वालों को दौड़ाकर पीटा और पथराव कर घायल कर दिया था। घटना में एसओ इंद्र कुमार, एचसीपी रामस्वरूप, पीआरडी जवान सुरेश, रामकिशन घायल हुए थे। सेहरामऊ पुलिस ने एसओ इंद्र कुमार की ओर से गांव रानीगंज निवासी सत्यपाल सिंह, उसके भाई भानु सिंह, श्रीपाल, धर्मपाल, ओमकार, पुकना, रामपाल, श्यामपाल, नरेश, सुरेश, जंगली, संजय और दस, पंद्रह अन्य अज्ञात के खिलाफ बलवा, जान से मारने की नियत से हमला, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और 7 क्रिमनल लॉ अमिडमेंट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। दहशत के चलते पुलिस चार दिन तक आरोपियों की गिरफ्तारी को रानीगंज गांव जाने का साहस नहीं जुटा सकी। बृहस्पतिवार को एसओ के नेतृत्व में पुलिस ने राजीगंज गांव जाकर दबिश दी। पुलिस के आने की भनक लगने पर महावत जाति के लोग परिवार सहित कहीं चले गए। गांव मढ़ाखुर्द और जोगराजपुर में भी महावत जाति के कुछ परिवार हैं। मुकदमे में पुलिस कहीं उनके नाम शामिल न कर ले, इसको लेकर महावत जाति के अधिकांश लोग अपने घर छोड़कर इधर-उधर रह रहे हैं। एसओ ने बताया कि शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी करवाकर चालान किया जाएगा।