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लेखपाल के पक्ष में आई भीड़ तो घंटों उलझी रही कोतवाली पुलिस

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लेखपाल के पक्ष में आई भीड़ तो घंटों उलझी रही कोतवाली पुलिस
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पकड़े गए लेखपाल को बताया निर्दोष, फिर पुलिस ने दुबारा कराई छानबीन
बाइक की टक्कर से रोडवेज के परिचालक की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बाइक की टक्कर से रोडवेज के परिचालक की मौत के मामले में हादसे के चंद मिनट बाद पकड़े गए बाइक सवार लेखपाल पर कार्रवाई की तैयारी कर रही कोतवाली पुलिस घंटों उलझकर रह गई। आरोपी लेखपाल को बेगुनाह बताते हुए कई अन्य लेखपाल देर रात तक कोतवाली में जमे रहे, वहीं कई प्रशासनिक अफसर सिफारिशी बन गए। हालांकि बाद में कराई गई जांच और मृतक के परिजनों से मिली तहरीर में भी लेखपाल का ही नाम दिए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकी है।
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गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी) के निवासी रोडवेज के परिचालक 58 वर्षीय कौशलेंद्र बाजपेई की वृहस्पतिवार रात रोडवेज परिसर के बाहर बाइक की टक्कर लगने से मौत हो गई थी। हादसे के चंद मिनट बाद ही कोतवाली पुलिस ने बाइक सवार लेखपाल गजेंद्र को हिरासत में ले लिया था। लेखपाल की बाइक से ही हादसा होने की बात पुलिस द्वारा कही गई। इस पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी कि कुछ ही देर में कई लेखपाल इकट्ठा होकर कोतवाली पहुंच गए। उनका कहना था कि पकड़े गए लेखपाल घायल की मदद कर रहे थे। उनकी बाइक से हादसा हुआ ही नहीं है। कई अधिकारी भी इसी बात को कहते हुए लेखपाल को छोड़ने की बात करने लगे। जिसके बाद कोतवाली पुलिस उलझकर रह गई। एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि लेखपाल के आरोपी न होने की बात कही जा रही थी। इस पर टीम को घटनास्थल पर भेजा गया। वहां मिले लोगों ने भी लेखपाल की बाइक से हादसा होने की बात कही। कोतवाली पुलिस को परिवारीजनों ने भी लेखपाल के ही खिलाफ तहरीर दी है। उसी के आधार पर कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है।
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