पीलीभीत। जिले में पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में बनवाए जाने वाले शौचालयों में जमकर घोटाला किया गया। प्रधान और सचिव ने मिलकर इस खेल को अंजाम दिया। शिकायत पर शुरू हुई जांच के बाद इस भ्रष्टाचार का खुलासा होने पर डीएम द्वारा कार्रवाई की संस्तुति पर डीपीआरओ ने सचिव को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही प्रधान और निलंबित सचिव से डकारी गई आठ शौचालय की धनराशि की रिकवरी के आदेश किए गए हैं।
मामला अमरिय ब्लॉक की ग्राम पंचायत पंसौली का है। यहां के ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान रामपाल और सचिव प्रकाश राम आर्या पर शौचालय में धोखाधड़ी का अरोप लगाते हुए तत्कालीन डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा से शिकायत की थी। मामले की जांच जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेंद्र सिंह को सौंपी गई। जांच में आरोप सिद्ध होने के कई महीने बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने का मामला संज्ञान में आने पर पिछले दिनों डीएम वैभव श्रीवास्तव ने फाइल तलब की सचिव को निलंबित और प्रधान पर कार्रवाई की संस्तुति की। इसके बाद डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने गुरुवार को सचिव प्रकाश राम आर्या को निलंबित करने के साथ ही सचिव और प्रधान से धोखाधड़ी कर हड़पी गई आठ शौचालयों की 96 हजार की धनराशि के रिकवरी के आदेश कर दिए हैं। प्रधान और सचिव से आधी-आधी रिकवरी की जाएगी।
दो सचिव एक प्रधान को नोटिस
पूरनपुर में तैनाती के दौरान गड़बड़ी किए जाने के मामले में निलंबित हुए सचिव राजवंदन मिश्रा ने निलंबन अवधि में चेक काटकर लाखों का भुगतान कर दिया था। इसके अलावा मरौरी ब्लॉक की ग्रापं संडा में प्रधान गेंदलाल और सचिव धर्मदास वर्मा पर पचास लाख से अधिक की गड़बड़ी का आरोप है। दोनों ही मामलों में डीपीआरओ ने प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
डीएम के आदेश पर शौचालय की धोखाधड़ी मामले में सचिव प्रकाश राम आर्या को निलंबित कर दिया गया है। इसी मामले में प्रधान और सचिव से हड़पी गई शौचालयों की 96 हजार धनराशि की आधी-आधी रिकवरी की जाएगी। निलंबन अवधि में चेक काटे जाने के मामले में सचिव राजवंदन मिश्रा और ग्रापं संडा में लाखों की गड़बड़ी मामले में प्रधान गेंदनलाल और सचिव धर्मदास वर्मा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
प्रमोद कुमार यादव, डीपीआरओ