पीलीभीत। पत्नी की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने मुल्जिम पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ दोषी पर 16 हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया है। साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया।
जहानाबाद थाने में 12 मार्च 2015 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार वादी सत्यपाल ने अपनी बेटी सरिता देवी की शादी 24 जनवरी 2015 को गहलुईया गांव निवासी उन्नति उर्फ अनुपम से की थी। सरिता के ससुराल वाले शादी में दिए गए दहेज से खुश नहीं थे। ससुराल वाले दहेज में कार और नकदी की मांग को लेकर सरिता को परेशान करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर 11 मार्च 2015 को पति उन्नति उर्फ अनुपम, उसके ताऊ राकेश उर्फ शिव सिंह ने सरिता को पीटा और गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस वारदात की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने मुल्जिम और सरिता के पति उन्नति उर्फ अनुपम को दोषी ठहराया, जबकि दूसरे आरोपी राकेश उर्फ शिव सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने उन्नति उर्फ अनुपम को आजीवन कारावास और 16 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।