पीलीभीत। जोशी कॉलोनी में लगाए गए वसंती पूजन मेले में झूले की पालकी टूटने से घायल वसंती देवी ने भी दम तोड़ दिया। शुक्रवार रात उनके पति की मौत हो गई थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल बेटे को बरेली रेफर कर दिया गया है। हादसे को लेकर शनिवार को पूरे दिन प्रशासनिक अमले में खलबली मची रही। पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने गांव पहुंचकर जानकारी जुटाई। दो मौतों के बाद मेला भी बंद करा दिया गया है। न्यूरिया पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। अब तक हुई पड़ताल में झूले बिना परमीशन लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि अधिकारी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रहे हैं।
न्यूरिया थाना क्षेत्र की जोशी कॉलोनी में इस बार भी नवरात्र के मौके पर शुक्रवार को वसंती पूजन मेला आयोजित किया गया था। रात साढ़े आठ बजे मेले की शुरूआत हुई ओर दो घंटे बाद ही मेले में लगाए गए बड़े झूले की एक पालकी टूटकर गिर गई। इसमें रुद्रपुर (उत्तराखंड) के मोहल्ला शिवनगर निवासी 35 वर्षीय अशोक कुमार, उनकी पत्नी वसंती और आठ साल का बेटा गौरव घायल हो गए थे। मेला कमेटी के लोग तीनों को प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल लेकर आए, वहां चिकित्सकों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया था। देर रात इलाज के दौरान वसंती ने भी दम तोड़ दिया। उधर, बेटे गौरव की हालत गंभीर होने पर रात को ही उसे बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। मामले में शुरूआत से लापरवाह बना पुलिस और प्रशासनिक अमला दूसरे दिन दौड़ता दिखाई दिया। एसडीएम अमरिया जंग बहादुर, सीओ सदर योगेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार शेर बहादुर, इंस्पेक्टर न्यूरिया शहरोज अनवर टीम के साथ गांव पहुंचे और मेले से जुड़ी जानकारी की। कई ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए गए। पीड़ित परिवार को कार्रवाई का भरोसा दिलाया जाता रहा। खास बात है कि मेले की तो परमीशन ली गई थी, लेकिन उसमें झूले बिना अनुमति के ही लगा दिए गए थे। पूरा गांव भी इस बात को खुलकर कह रहा है, लेकिन अफसर अभी इसको खुलकर बताने से कतराते दिखाई दिए। सिर्फ जांच के बाद सख्त कार्रवाई की बात कही जाती रही। फिलहाल एक ही परिवार के दो लोगों की जान चले जाने के बाद मेला बंद हो गया है। झूला चलाने वाले भी घटना के बाद से चले गए हैं। उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। सिर्फ झूला नवाबगंज, बरेली का था, इतना पता लग सका है।