पीलीभीत। ऑपरेशन के लिए बुलाए गए मरीज की इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद मौत हो गई। इसके बाद परिवार वाले जमा हुए और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर सीओ सिटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शांत कराया। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के लिए परिवार से तहरीर मांगी है। वहीं दोनों पक्षों के बीच सुलह के प्रयास जारी है। सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के दहगला गांव निवासी 40 वर्षीय दिलीप पुत्र डालचंद खेती करते थे। दस दिन पूर्व वह घर पर काम करते वक्त गिर गए थे। इसमें उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। उनकी कोतवाली क्षेत्र के एक प्राइवेट अस्पताल से दवा चल रही थी। शुक्रवार को दिलीप कुमार को ऑपरेशन के लिए बुलाया गया। इस पर पत्नी तारावती और बेटे लाखन के साथ दोपहर करीब 12 बजे वह प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। यहां शाम को उनको ऑपरेशन से पहले एक इंजेक्शन लगाया गया। इसके कुछ देर में दिलीप की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। आरोप है कि किसान की मौत के बाद प्राइवेट अस्पताल के कर्मचारियों ने जिंदा बताते हुए दिलीप को एंबुलेंस में लिटा दिया और शहर के एक अन्य प्राइवेट अस्पताल ले जाने की बात कह दी। परिवार के न जाने पर चंद मिनट में स्टाफ मौके से निकल गया। कुछ ही देर में परिवार वाले और ग्रामीण जमा हुए और हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, इंस्पेक्टर अजब सिंह, रूम सिंह बघेल पुलिस बल के साथ पहुंच गए और मामला शांत कराया। सीओ सिटी ने बताया कि दोनों पक्षों में सुलह के प्रयास किए जा रहे हैं। परिवार से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अभी मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया है।