पीड़ित परिवार पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं
जहानाबाद (पीलीभीत)। बेनीपुर गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की जहर देकर हत्या करने के मामले का बृहस्पतिवार को खुद एडीजी प्रेमप्रकाश ने खुलासा किया था। मगर पुलिस की थ्योरी पीड़ित परिवार के गले नहीं उतर रही है। लूटी गई रकम से कम बरामदगी, बकाया दो आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और बताई गई तंत्र मंत्र की कहानी से मृतकों के परिजन नाराज हैं। शुक्रवार को उन्होंने घटना के खुलासे पर असंतोष जाहिर करते हुए साफ कहा कि इसके खिलाफ वह जल्द कोई कदम उठाएंगे।
जहानाबाद के बेनीपुर गांव में सोमवार रात रिटायर्ड रेलकर्मी वेगराज (60), उनकी पत्नी रामवती (55), उनके बेटे व रेलवे में गेटमैन नेमचंद (38), पुत्रवधू ममता (35) और विवाहित बेटी गायत्री (30) की दूध में जहर देकर हत्या कर दी गई थी। मंगलवार सुबह वारदात की जानकारी नेमचंद के मकान से आधा किलोमीटर दूर एक खेत पर बेहोश हालत में पड़ा मिलने पर हुई थी। नेमचंद ने बरेली ले जाते वक्त दम तोड़ दिया था, जबकि बाकी चार के शव घर पर ही मिले थे। गुरुवार को एडीजी ने घटना का खुलासा कर घर पर रखी नकदी लूटने के मकसद हत्या का कारण बताया था। एक आरोपी मृतक नेमचंद का दोस्त खंजनपुर भोजीपुरा (बरेली) निवासी गुलशेर को 3.85 लाख रुपये बरामद किए गए, जिसे बाद में जेल भेज दिया गया। एडीजी ने बताया था कि हत्या आरोपियों ने तंत्र के बहाने जहर मिला दूध पांचों को पिला दिया गया था। दो आरोपी संजीव और इकरार अभी फरार हैं।
खुलासे के अगले दिन शुक्रवार को परिवार ने सवाल खड़े कर दिए हैं। मुकदमा दर्ज कराने वाले वेगराज के बेटे नरेश और अन्य परिजनों ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि वह पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। दो आरोपियों का अब तक गिरफ्तार न होना, बरामदगी महज 3.85 लाख होने पर भी सवाल उठाए। कहा, उनकी जब आरोपी गुलशेर से बात हुई तो उसने पांच लाख की बात कही थी, फिर बाकी रकम कहां चली गई? यह भी कहा कि तंत्र विद्या से जुड़ा कोई साक्ष्य पुलिस ने बरामद नहीं किया है, फिर भी इसी कहानी को सही माना जाना गलत है।