आवास विकास कॉलोनी में चकबंदी कानूनगो के बंद मकान समेत तीन घरों में सिलसिलेवार तरीके से अंजाम दी गई चोरी की वारदातों का खुलासा करने के लिए कोतवाली पुलिस ने शहर के पांच युवकों को हिरासत में लिया। उनसे अभी पूछताछ शुरू नहीं की जा सकी थी कि एक नेताजी सिफारिशी बनकर उनको छुड़ाने के लिए भीड़ लेकर कोतवाली आ धमके। सभी को निर्दोष तक बता डाला। हालांकि काफी बहस के बाद कोतवाल के निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देने पर नेताजी चलते बने। अब पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर क्लू जुटाने में लगी है।
कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी चकबंदी कानूनगो गोपाल शर्मा के बंद मकान से चोर 19 नवंबर को लाखों का नकदी जेवरात समेट ले गए थे। इससे पहले कॉलोनी में ही दो अन्य मकानों में भी वारदात अंजाम दी गई थी। घटनाओं का खुलासा पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। सुरागरसी के बाद कोतवाली पुलिस को कुछ नाम संदिग्ध के तौर पर प्रकाश में आए। मंगलवार को पुलिस ने पांच युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। उनसे घटनाओं को लेकर पूछताछ भी नहीं हो सकी थी कि एक भाजपा नेता हिरासत में लिए गए युवकों के परिवारीजनों की भीड़ के साथ कोतवाली पहुंच गए। सभी को छुड़ाने के लिए सिफारिश शुरू कर दी। इसको लेकर पुलिस और उनके बीच बहस भी हुई। हालांकि बाद में कोतवाल ने निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही। जिसके बाद सिफारिश करने आए नेताजी चले गए। कोतवाल केपी सिंह ने बताया कि हिरासत में लिए गए युवकों से अभी पूछताछ की जा रही है।