पीलीभीत। गैंगस्टर एक्ट के आरोपी मोहल्ला भूरे खां निवासी आरिफ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिवार वालों ने पुलिस की दबिश के दौरान हालत बिगड़ने को मौत का कारण बताते हुए जाम लगा दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई और परिवार को मुआवजे की मांग की गई। इसकी सूचना मिलने पर एसपी समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष कार्रवाई कर हरसंभव मदद का आश्वासन देकर शांत कराया। एसपी के मौके पर पहुंचने तक अफसरों से भीड़ की तीखी नोकझोंक होती रही।
मोहल्ला भूरे खां निवासी आरिफ (32) पुत्र यूनुस को दो माह पहले कोतवाली पुलिस ने गोहत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसके भाई राशिद की भी गिरफ्तारी की गई थी। दोनों भाईयों के खिलाफ हाल ही में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। शुक्रवार दोपहर को शहर के एक निजी अस्पताल में आरिफ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जिसके बाद परिवार वालों ने मौत के पीछे पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदर्शन किया। शव घर लाने के बाद परिवारीजन व मोहल्ले के काफी लोग जमा हुए और खकरा-नकटादाना मार्ग पर आकर जाम लगा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि गैंगस्टर के मामले में बृहस्पतिवार देर रात उनके मकान में दबिश दी गई। जिसके दौरान घबराकर आरिफ को हार्टअटैक आया और तबीयत बिगड़ गई। यह देख पुलिस भाग गई। जिसके बाद सुबह से उसका इलाज निजी अस्पताल में परिवारीजन करा रहे थे, जहां मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्रा, एसएचओ सुनगढ़ी मोहम्मद कबासिम मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद भी भीड़ को मनाने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद एएसपी रोहित मिश्रा के पहुंचने पर भी आक्रोशित लोग एसपी को बुलाने की मांग पर अडिग रहे। इधर घटना की सूचना मिलने पर आस्ताने हशमतिया के सज्जादानशीं मौलाना जरताब रजा खां, सदर इमाम संगठन के हाफिजकारी इसरार अशरफी, हाफिज मोहम्मद अतीक, हाफिज मोहम्मद इमरान, हाफिज मोहम्मद यामीन मौके पर पहुंचे और अफसरों से तीखी बहस हुई। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को बर्दास्त न करने की बात कहते हुए पीड़ित परिवार के पक्ष में आवाज बुलंद की। जिसको लेकर अफसर चुप्पी साधे नजर आए। अंत में एसपी कलानिधि नैथानी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद और दर्ज किए गए मुकदमें की निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर शांत कराया। एसपी ने बताया कि अगर मुकदमा जांच में गलत पाया जाता है, तो इसको समाप्त किया जाएगा। शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है।
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तत्कालीन कोतवाल पर फंसाने के आरोप
प्रदर्शन के दौरान परिवारीजनों ने गोहत्या के मामले में दर्ज किए गए मुकदमें को झूठा बताते हुए तत्कालीन कोतवाल देशपाल सिंह पर संगीन आरोप लगाया। मृतक के भाई राशिद व अन्य परिवारीजनों का कहना था कि उन पर की गई कार्रवाई दबाव में की गई। उन्होंने उक्त प्रकरण की पूरी जांच कराने की मांग की। इसके अलावा कई संगीन आरोप भी तत्कालीन कोतवाल पर लगाए।