खेकड़ा (बागपत)
क्षेत्र के ग्राम सांकरौद के जंगल में गन्ने की छिलाई कर रहे किसान के नौकर तेंदुए को देखकर गांव में पहुंचे। बाद में खेत मालिक समेत अनेक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तेंदुआ दिखाई न देने पर लौट आए। नौकरों ने खेतों में तेंदुआ होने की बात कहकर छिलाई करने से इंकार दिया।
शनिवार को सुबह क्षेत्र के ग्राम सांकरौद निवासी हरिओम पंवार का नौकर राजू अन्य नौकरों के साथ खेत में गन्ने की छिलाई करने गया । जब वह खेत में गन्ने की छिलाई कर रहे थे, तभी करीब दस बजे गन्ने की फसल में उसने एक करीब तीन फुट ऊंचा तेंदुआ देखा। इसे देखकर वह सहम गए और शोर मचाते हुए खेत से दौड़कर गांव में खेत मालिक हरिओम पंवार आदि को खेतों में तेंदुआ होने की सूचना दी। इसके बाद सैकड़ों लोग लाठी डंडे लेकर खेतों में पहुुंचे, उन्होंने तेंदुए को तलाश किया, लेकिन तेंदुआ नही मिला। करीब तीन घंटे तलाश करने के बाद किसान लौट गए।
तेंदुए को देखने वाले नौकर राजू आदि ने तेंदुए के डर से खेत में अकेले गन्ने की छिलाई करने से इंकार किया। तेंदुए की सूचना से किसानों में दहशत है। किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों से तेंदुए को तलाश कराकर पकड़वाने की मांग की। वन रक्षक नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध मे उन्हें अभी तक किसी भी किसान ने सूचना नहीं दी। फिर भी वह रविवार को सांकरौद गांव में जाकर तेंदुए के संबंध में लोगों से जानकारी लेंगे। यदि तेंदुआ दिखा तो गन्ने के खेत में उसके पंजे के निशान अवश्य मिलेगें। इस दौरान हरिओम पंवार, अशोक, सहदेव, सुनील, मिंटू, संजय आदि मौजूद रहे।