पीलीभीत। विवाहिता से दुष्कर्म के मामले में बरखेड़ा से टरकाए जाने के बाद गजरौला पुलिस द्वारा भी बेबाक बयानबाजी कर पीड़िता को फटकार लगाकर भगा दिया गया। जिसके बाद हताश पीड़िता ने एसपी से दुखड़ा सुनाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान दरोगा सीपी सिंह पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया है। एसपी ने थाना पुलिस से पूरे मामले की 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है।
बरखेड़ा क्षेत्र की एक महिला ने पांच दिन पहले एक झोलाछाप के खिलाफ थाना पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आरोपी 16 जून को उसकी सास की खून की जांच रिपोर्ट देने के बहाने उसको पीलीभीत ले गया। इसके बाद माधोटांडा रोड पर देवीपुरा गौटिया के पास खेत में उससे दुष्कर्म किया। पहले दिन घंटों बिठाए रखने के बाद घटनास्थल दूसरा बताकर गजरौला थाना टाल दिया गया। इसके बाद पीड़िता ने गजरौला पुलिस से शिकायत की। इस पर जांच कर स्थिति स्पष्ट करने के बजाए कार्यवाहक थानाध्यक्ष सीपी सिंह ने मामले को झूठा करार दे दिया। पीड़िता से बेबाक बयानबाजी करने के बाद उसको फटकार लगाकर भगा दिया गया। शिकायत फर्जी होने पर न तो महिला पर कार्रवाई की गई, न ही इसके पीछे कोई तथ्य पुलिस दे सकी। जिससे कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए। शनिवार को पीड़िता पुलिस लाइन पहुंची। यहां एसपी देवरंजन वर्मा को अपना दुखड़ा सुनाते हुए कार्रवाई की मांग की। यह भी बताया कि उसकी शिकायत पर न तो मेडिकल कराया गया, न रिपोर्ट दर्ज की। यही नहीं पीली पर्ची की रिसीविंग भी नहीं दी गई। बिना जांच किए पुलिस ने उसको झूठा बताकर भगा दिया। पीड़िता ने लगाए जा रहे आरोपों को सही बताते हुए न्याय की गुहार लगाई।
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महिला की शिकायत पर एसपी ने गजरौला पुलिस से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट तलब की है। अगर मामला संदिग्ध है, तो इसको लेकर सामने आए तथ्यों का बयोरा मांगा है। ऐसा न होने पर महिला की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
- निशांक शर्मा, सीओ सिटी