जहानाबाद (पीलीभीत)। सुंदरपुर गांव में एक धार्मिक स्थल में पहली मंजिल पर कराए जा रहे निर्माण कार्य को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। दूसरे पक्ष ने इसे नियम विरुद्घ और नई परंपरा बताते हुए विरोध कर दिया। दोनों ओर से लोग जमा हो गए। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम सदर, जहानाबाद पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। शिवसेना के कई कार्यकर्ता भी आ गए। काफी देर चली बातचीत के बाद एसडीएम ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। वहीं अब तक हुए निर्माण के गलत पाए जाने पर उसको हटवाने का निर्देश दिया है। घटना के चलते गांव में तनाव की स्थिति बनी है।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के सुंदरपुर गांव स्थित एक धार्मिक स्थल की पहली मंजिल पर तीन दिन से निर्माण कार्य चल रहा था। इसकी भनक दूसरे पक्ष के लोगों को लगी तो शनिवार शाम को विरोध हो गया। एकत्र हुए दूसरे पक्ष के लोगों ने इसे नई परंपरा और नियम विरुद्घ तरीके से बताते हुए ऐतराज जताया। उधर, निर्माण के पक्ष में भी काफी लोग जमा हो गए। एक दूसरे को गलत बताते हुए आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। जिससे तनाव की स्थिति बन गई। एक पक्ष से शिवसेना के नगराध्यक्ष शैली शर्मा भी कार्यकर्ताओं संग पहुंच गए। इसकी सूचना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। कुछ ही देर में एसडीएम सदर सौरभ दुबे, जहानाबाद इंस्पेक्टर कमल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों से बातचीत कर जानकारी की गई। इसमें सामने आया कि कराया जा रहा निर्माण बिना अनुमति लिए हो रहा है। इस पर अधिकारियों ने तत्काल उसको रुकवा दिया। इसके बाद विरोध जता रहे लोगों ने अब तक हो चुके निर्माण को ध्वस्त कराने की मांग कर दी। इस पर भी अधिकारियों ने बातचीत की। अंत में निर्माण कराने वाले पक्ष ने खुद ही इसको हटा लेने और निर्माण न करने का भरोसा दिलाया। जिसके बाद टीम वापस आ गई।
गांव में पहले भी बन चुकी है इस तरह की स्थिति
सुंदरपुर गांव में शनिवार को दोनों पक्षों के एक दूसरे का विरोध करते हुए सामने-सामने आने की स्थिति बन गई थी। यह गांव में पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी इस गांव में ऐसे हालात बन चुके हैं। बताते हैं कि करीब चार साल पहले एक अन्य धार्मिक स्थल में निर्माण कार्य हो रहा था। अब जो पक्ष निर्माण करा रहा है, उस वक्त उसने विरोध कर दिया था।
सुंदरपुर गांव में एक धार्मिक स्थल पर ऊपरी मंजिल में निर्माण कराया जा रहा था। इसका दूसरे पक्ष ने विरोध कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर जाकर जानकारी की गई। इसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद निर्माण रुकवा दिया है। निर्माण करा रहे लोगों ने खुद ही अब तक हुए निर्माण को हटाने का भरोसा दिलाया है। तनाव के हालात नहीं है। - सौरभ दुबे, एसडीएम सदर