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घर के नक्शा पर बरातघर बनाया, सिटी मजिस्ट्रेट ने जुर्माना लगाया

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पीलीभीत। घर का नक्शा पर बरातघर बनाने वाले स्वास्थ्य विभाग के लिपिक पर सिटी मजिस्ट्रेट ने 19 हजार रुपये का जुर्माना डाला है। एनओसी न मिलने तक निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इस निर्माणाधीन बरातघर को चार महीने पहले सील किया गया था, लेकिन एक अधिकारी की साठगांठ के चलते अंदरखाने निर्माण चलता रहा। हालांकि आरोपी अधिकारी के खिलाफ अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग के लिपिक नाहिद खां द्वारा सेंट एलायसियस कॉलेज के पास बरातघर का निर्माण करा रहे थे। निर्माण आवासीय नक्शे पर कराया जा रहा था। इसकी शिकायत मिलने पर चार महीने पर तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अर्चना द्विवेदी ने निर्माण कार्य रुकवाने के साथ बिल्डिंग को सील कर दिया था। इसके बाद कंपाउंडिंग शुल्क जमा कराया गया। उधर, सील करने के बावजूद गुपचुप तरीके से बरातघर का निर्माण चलता रहा। अवैध तरीके से निर्माण कराने में एक अधिकारी की साठगांठ सामने आई। पांच दिन पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया ने संबंधित जेई से जांच रिपोर्ट मांगी थी। जांच में पता चला कि लिपिक द्वारा एनओसी नहीं ली गई है। नोटिस का जवाब और संशोधित नक्शा भी लिपिक ने कार्यालय में जमा नहीं किया गया। नोटिस का र्निधारित समय पूरा होने पर 38 दिन का पांच सौ प्रतिदिन के हिसाब से 19 हजार का जुर्माना डाला गया है।
तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अर्चना द्विवेदी ने करीब नौ लाख रुपये कंपाउंडिग शुल्क जमा कराया था। इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू हुआ था। - नाहिद खां, लिपिक स्वास्थ्य विभाग
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कंपाउंडिग शुल्क जमा करने की बात सही है, लेकिन एनओसी मिलने के बाद ही निर्माण शुरू कराया जा सकता है। पिछले माह संशोधित नक्शा जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया था। उसका भी कोई जवाब नहीं मिला। रोक के बाद भी निर्माण कराया जाना गलत है। इसी के चलते कार्रवाई की गई है। - ऋतु पूनिया, सिटी मजिस्ट्रेट
लिपिक स्वयं तय नहीं कर सके कि निर्माण आवासीय या कामर्शियल कराना है। एनओसी के लिए संशोधित मानचित्र जमा करने को कहा गया, लेकिन अब तक नहीं किया गया। इसलिए कार्रवाई की गई है। - ओपी कुशवाहा, विनियमित क्षेत्र
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