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थप्पड़ का बदला लेने के लिए अस्पताल में घुसे हमलावर

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पीलीभीत। प्राइवेट अस्पताल में मां-बेटे पर हमला करने का मामला मामूली विवाद पर हुआ था। घटना से कुछ देर पहले दोनों पक्षों के वाहन टकरा गए थे। जिसमें पीड़ित पक्ष की ओर से एक थप्पड़ जड़ दिया गया था। इसका बदला लेने के लिए आरोपी ने अपने साथियों को बुलाकर दुस्साहस कर डाला। रात भर चली छापामारी के बाद पुलिस ने गुंडई करने वाले पांच युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके अन्य साथी हत्थे नहीं चढ़ सके। घायल पक्ष से मिली तहरीर पर बलवा, जानलेवा हमला और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा है।
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टनकपुर हाईवे पर छतरी चौराहा के पास स्थित सतीश नर्सिंग होम में मंगलवार रात कुछ युवक घुस आए थे। जिसके बाद मरीज के साथ मौजूद तीमारदार दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के सिंधौरा बिंदुआ गांव निवासी बंटी मिश्रा (25) और उसकी मां ऊषा मिश्रा (45) की पिटाई कर दी थी। घटना से अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई थी। मां-बेटे को बुरी तरह घायल करने के बाद आरोपी धमकाते हुए फिल्मी स्टाइल में भाग गए थे। इस घटना का वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हुआ तो खलबली मच गई थी। सुनगढ़ी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां अब उनकी हालत में सुधार है। रात भर पुलिस ने मामले में छानबीन की। घायल के परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी की गई। रात को ही घायल बंटी के पिता मुरारीलाल मिश्रा की तहरीर पर जानलेवा हमला, मारपीट और बलवा की रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें मोहल्ला डालचंद निवासी आदित्य, गुड्डू, सुमित, विक्की, शिवा, अंकित और वीरेंद्र सात को नामजद किया गया। पुलिस ने मामले में छानबीन की। जिसके बाद सामने आया कि बंटी अपनी बहन शीतल मिश्रा के साथ बाइक से मंगलवार रात आ रहा था। गांधी स्टेडियम रोड पर उसकी बाइक और आदित्य की साइकिल में टक्कर हो गई। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। पुलिस के अनुसार बंटी ने आदित्य को थप्पड़ जड़ दिया। जिसके बाद भीड़ जमा हुई और मामला शांत करा दिया गया। इधर, आदित्य ने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद वह थप्पड़ का बदला लेने के लिए प्राइवेट अस्पताल में घुस गए हमला बोल दिया। अस्पताल में की गई गुंडई के पीछे मुख्य वजह कुछ देर पूर्व गांधी स्टेडियम रोड पर हुई झड़प ही निकली है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल की अगुवाई में इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह, एसएसआई पुष्कर सिंह ने टीम बनाकर छापामारी की। रात भर चली कार्रवाई के बाद पुलिस ने पांच आरोपी आदित्य, गुड्डू, सुमित, विक्की और शिवा को धर दबोचा। उधर, एएसपी रोहित मिश्र ने भी मौका मुआयना कर जानकारी की और सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए।
इस तरह की घटना ने फैला दी दहशत
पहली बार इस तरह अस्पताल में घुसकर तीमारदारों पर हमला करने की घटना जिले में सामने आई है। वहीं एक बात साफ है कि आरोपियों ने कम समय में ही झगड़े की पूरी प्लानिंग कर रखी थी। शायद यही वजह रही कि दहशत फैलाने वाली इस घटना में उन्होंने दस मिनट भी नहीं लगाए। एकत्र होकर अस्पताल में घुसे और सीधे बंटी पर हमला कर दिया। बचाने पर मां से भी मारपीट की गई। बंटी की बहन भी बीच बचाव में घायल हुई है। इसके वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए, हर कोई सन्न रह गया। इसको गुंडई की पराकाष्ठा बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग सोशल मीडिया पर भी की जाती रही।
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जिले में रोड रेज के लगातार बढ़ रहे मामले, आखिर क्या है वजह
पीलीभीत। शहर के प्राइवेट अस्पताल में हुई घटना ने एक बार फिर रोड रेज की घटनाओं पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। जिले में बीते कुछ समय में ही ऐसी कई घटनाएं सामने आईं हैं। इनमें विवाद की शुरूआत तो छिटपुट रही, लेकिन उनके बड़ा रूप लेने में समय नहीं लगा। दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र में 10 दिन पूर्व बाइक और पुलिस की बोलेरो में मामूली टक्कर लगने के बाद सरेशाम बाइक सवार की पिटाई कर दी गई थी। उसको जेल भी भेज दिया गया था। हालांकि बाद में विधायक संग ग्रामीणों ने धरना दिया तो पुलिस बैकफुट पर आ गई । इसके अलावा बीसलपुर में दो दिन पहले ही वाहन खड़ा करने को लेकर कहासुनी में युवकों ने यूपी 100 पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। तीन दिन पहले धुनों वाले चौराहा पर कहासुनी के बाद एक युवक को सिर में ईंट से वार कर लहूलहुुन कर दिया था। इसके अलावा अन्य कई घटनाएं भी इसी तरह से हो चुकी हैं। यह घटनाएं कही न कहीं एक सवाल खड़ा कर रही हैं। आखिर क्या वजह है कि लोगों की सहनशक्ति कम होती जा रही है। मामूली विवाद को वहीं पर निपटाने के बजाय उनको वर्चस्व का रूप देकर बड़ा बनाया जा रहा है। इस तरह की विकसित हो रही सोच के पीछे आखिर क्या कारण बन रहे हैं।
आजकल बच्चों और युवाओं के बीच हिंसात्मक मूवी देखने और वीडियोगेम्स का शौक बढ़ा है। इससे उनकी प्रवृत्ति भी उसी तरह की हो जाती है। मामूली बात पर अत्यधिक क्रोधित होना, झगड़ा-फसाद करना, उनकी आदत में शुमार हो जाता है। इसी वजह से इस तरह की घटनाएं सामने आती है। अभिभावकों को भी चाहिए कि वे बच्चों की निगरानी करें। - डॉ. सत्येंद्र नरायन, प्रवक्ता मनोविज्ञान
सुनगढ़ी थाने में दी गई तहरीर के आधार पर सात के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। अन्य आरोपियों की धरपकड़ को कार्रवाई जारी है। गुंडई करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। - मनोज कुमार सोनकर, एसपी
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