पूरनपुर/पीलीभीत। गांव चांटफिरोजपुर के समीप गांव निवासी सर्वेश के गन्ना के खेत में 24 जुलाई को मिले नर कंकाल के पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। अवशेषों को सुरक्षित रखा गया है। जिनको प्रयोगशाला भेजकर परीक्षण करवाकर मौत का कारण जाना जाएगा। कंकाल मिलने के पांच दिन बाद भी शिनाख्त नहीं हो सकी।
गांव निवासी सर्वेश को 24 जुलाई को गन्ना के खेत में कंकाल होने की जानकारी तब हुई थी। वह जब समीप के खेत में खड़ी धान की फसल की सिंचाई करने गया था। दुर्गंध पर गन्ना के खेत में पहुंचने पर उसकी नजर नर कंकाल पर पड़ी थी। गांव के अलावा आसपास के लोगों की मौके पर भीड़ लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कंकाल की शिनाख्त के प्रयास किए। इसके बाद कंकाल का पोस्टमार्टम कराया गया। शिनाख्त को निर्धारित 72 घंटे रखकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इंस्पेक्टर जयवीर सिंह ने बताया कि कंकाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत का राज नहीं खुल सका। परिणाम जानने को कंकाल का कुछ हिस्सा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। जिसे प्रयोगशाला लखनऊ भेजवाया जाएगा, ताकि मौत का कारण स्पष्ट हो सके। उन्होंने बताया कि कंकाल की शिनाख्त न होने पर आसपास के अलावा प्रदेश मुख्यालय को वायरलेस से कंकाल मिलने की सूचना दे दी गई है। अभी तक कंकाल की शिनाख्त नहीं हो सकी है। उधर, कंकाल की शिनाख्त न होने पर गांव और आसपास गांव के लोगों में कंकाल किसका और गांव के समीप गन्ना के खेत तक कैसे पहुंचा? चर्चा का विषय है।