पूरनपुर (पीलीभीत)। धोखाधड़ी के आरोपी की तलाश में दूसरी बार आई राजस्थान पुलिस ने गांव चंदिया हजारा निवासी सुशांत मंडल की तलाश में छापेमारी की। पुलिस के हाथ न तो आरोपी लगा और न ही उसके परिवार के सदस्य मिले। पुलिस ने तहसीलदार से मिलकर आरोपी की चल अचल संपत्ति की जानकारी की। ताकि संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई कराई जा सके।
राजस्थान के जिला चित्तौड़ के थाना रावतवाड़ा से आई पुलिस ने बृहस्पतिवार को गांव चंदिया हजारा निवासी सुशांत मंडल की गिरफ्तारी को छापा मारा, लेकिन न तो सुशांत मंडल मिला और न ही उसके परिवार वाले। टीम में शामिल राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल ने बताया कि सुशांत मंडल ने राजस्थान में पासपोर्ट बनवाने के नाम पर 25 लोगों से सत्तर-सत्तर हजार रुपये की ठगी की। ठगी की जानकारी पर वर्ष 2018 को उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। रिपोर्ट की भनक पर सुशांत मंडल राजस्थान से खिसक गया। उसके मूल पते की जानकारी लेकर करीब चार माह पहले भी गांव चंदिया हजारा में छापेमारी की गई थी। तब भी सुशांत मंडल नहीं मिला था। हालांकि उसके परिवार के लोग मिले और उन्होंने सुशांत को शीघ्र ही हाजिर कराने का आश्वासन दिया। बृहस्पतिवार को छापे में न तो सुशांत मिला और न ही उसके परिवार के सदस्य। टीम सदस्यों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार से सुशांत मंडल की चल, अचल संपत्ति की जानकारी की। ताकि सुशांत के शीघ्र ही हाजिर न होने पर इसकी रिपोर्ट कोर्ट को देकर उसकी संपत्ति की कुर्की करवाई जा सके।