पीलीभीत। हिस्ट्रीशीटर को मदद देने के लिए धाराओं में खेल करने के लगे आरोप पर अफसरों की नाराजगी के बाद कोतवाल देशपाल सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सीधे तौर पर एसपी की बात को ही झुठला दिया। व्यापारी की तहरीर में कहीं भी रंगदारी का आरोप होने से इनकार कर दिया। जबकि खुद एसपी तहरीर में आरोप लगाए जाने के बाद धाराएं शामिल न करने पर नाराजगी जता चुके हैं।
तेल मिल कॉलोनी निवासी डिश व्यापारी विनीत अग्रवाल ने पिछले दिनों मोहल्ला शेर मोहमीमद निवासी हिस्ट्रीशीर मुशीर खां व एक अज्ञात के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। उनका कहना है कि उसमे मारपीट और रंगदारी के आरोप लगाए थे, लेकिन कोतवाली पुलिस धाराओं में खेल करने से नहीं चूकी। रंगदारी की धाराओं को शामिल न कर सिर्फ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई। इसकी उन्होंने जब एसपी से शिकायत की तो कोतवाली पुलिस की जमकर फजीहत हुई। कोतवाल की फटकार लगाकर एसपी ने रंगदारी की धाराएं बढ़ाने के निर्देश दिए थे। लेकिन कोतवाली पुलिस अभी भी अपनी बात पर अडिग है। शुक्रवार देर शाम जिला अस्पताल परिसर में जब कोतवाल देशपाल सिंह से इसको लेकर पूछा गया, तो उन्होंने सीधे एसपी के बयान को ही झुठला दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि व्यापारी से मिली तहरीर में रंगदारी का आरोप नहीं लगाया गया है। जबकि तहरीर के अलावा पीड़ित को दी गई एफआईआर की नकल में भी रंगदारी के आरोप साफ तौर पर लिखे हैं।
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पहले भी कई बार करा चुके हैं फजीहत
अफसर भले फरियादियों से व्यवहार सुधार का ज्ञान मातहतों को दे रहे हो, लेकिन कोतवाली प्रभारी देशपाल सिंह का व्यवहार लगातार सुर्खियों में रहा है। इसको लेकर कई बार पुलिस की फजीहत हो चुकी है। सदर कोतवाली का चार्ज संभालने के चंद दिन बाद ही बैंक खाते से रुपये निकाले जाने की तहरीर लेकर अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंची आवास विकास कॉलोनी निवासी खुशबू अयाज खां से अभद्र व्यवहार की शिकायत सामने आई थी। इसमें तत्कालीन एसपी देवरंजन वर्मा ने उनको तलब कर फटकारा, जिसके तीन दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया। दर्ज किए गए मुकदमें में भी कई खामियां होने की शिकायत पीड़ित ने बाद में अफसरों से की थी। इसके बाद एक नाबालिग से दुष्कर्म प्रयास के मामले में भी हंगामा होने पर कोतवाल की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए। इसके बाद एक दहेज पीड़िता की सुनवाई के बजाए उससे सही तरीके से बात न करने की शिकायत तत्कालीन एसपी तक पहुंची थी। जिसको वह महकमें की साख बचाने की खातिर हंसकर टाल गए थे।
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कोतवाल दोबारा पढ़ें तहरीर
कोतवाल व्यापारी की तहरीर को दोबारा पढ़ लें। उसमें रंगदारी की बात कही गई है। यहां तक कि पीड़ित को दी गई एफआईआर की नकल में भी रंगदारी की बात स्पष्ट है, लेकिन धाराएं शामिल नहीं है।
- कलानिधि नैथानी, एसपी
आरोपी ने दी मीडिया को सफाई
पीलीभीत। डिश कारोबारी विनीत अग्रवाल से मारपीट और रंगदारी मांगने के आरोपी मुशीर हसन खां ने अपने ऊपर लगे आरोप को निराधार व असत्य बताया है। मुशीर ने अमर उजाला कार्यालय पहुंच कर अपनी सफाई पेश की। उसने बताया कि वह सिटी केबिल के नाम से अपना केबिल डिश का कार्य करता है। विनीत अग्रवाल भी डिश का कारोबार करते हैं, लेकिन उनकी सेवा से शहर की अधिकांश जनता संतुष्ट नहीं है। यही वजह है कि विनीत अग्रवाल के ग्राहक उनसे जुड़ रहे हैं। इसी रंजिश में विनीत अग्रवाल ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उसने कहा कि कई साल पहले मारपीट के कुछ पुराने मामलों को लेकर पुलिस ने उसके खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोल रखी है। इसी का फायदा उठा कर विनीत अग्रवाल ने झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया है। मुशीर ने कहा कि वह चाहता है कि सत्यता सामने आनी चाहिए। इसके लिए उसने एसपी को पत्र लिख कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और झूठा मुकदमा दर्ज करा पुलिस का समय बर्बाद करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।