पीलीभीत। निवेश के नाम पर एक प्राइवेट कंपनी पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। कंपनी में सालों से बतौर एजेंट काम कर रहे युवकों ने जालसाजी का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत एएसपी से की। जिसमें आरोपियों के नेपाल फरार होने की भी आशंका जाहिर की है।
बृहस्पतिवार दोपहर को दर्जन भर युवकों ने एएसपी को दिए संयुक्त शिकायत पत्र में बताया कि नौगवां चौराहा रेलवे क्रासिंग के पास एक बिल्डिंग में कार्यालय बनाकर संचालित हो रही एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में वह बतौर एजेंट काम करते हैं। कंपनी 2008 से यहां पर काम कर रही है। उसने उनको कमीशनबेस पर नौकरी पर रखा। जिसके बाद उन लोगों ने प्रतिदिन की किस्त बांधकर निवेशकों से करोड़ों पर कंपनी संचालकों के पास जमा कराए। इसके बदले में उन्होंने एक बांड व रसीदें निवेशकों को दी। एक नियत समय बताकर इसका भुगतान होने की बात कही गई। पिछले दिनों कई निवेशकों का भुगतान न होने पर एजेंटों ने इसको लेकर शिकायत की। जिस पर कंपनी संचालकों ने जल्द रुपया वापस होने की बात कहकर टाल दिया और गुपचुप तरीके से बाद में नौगवां स्थित कार्यालय को बंद कर दिया। इसकी जानकारी लगने पर पीड़ित एजेंट संचालकों के पास गए, जिसमें मई 2017 में दोबारा कार्यालय खोले जाने की बात कही। जिस पर एजेंट और निवेशक शांत हो गए। अब जुलाई माह आने के बाद भी कार्यालय न खुलने पर दोबारा कंपनी के संचालकों से जानकारी की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि कंपनी के संचालकों ने न तो उनकी तनख्वाह दी, न ही निवेशकों को उनकी जमा की गई पूंजी। करोड़ों रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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तीन आरोपी मिलकर चलाते थे कंपनी
करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में जिस कंपनी पर संगीन आरोप लग रहे है। उसके संचालक के तौर पर तीन लोगों के नाम एजेंटों ने दिए है। इसमें एक निरंजनकुंज कॉलोनी, दूसरा नौगवां पकडिय़ा और तीसरा आरोपी जहानाबाद के जतीपुर गांव का निवासी बताया गया है। एजेंटों का आरोप है कि निरंजनकुंज में रहने वाले कंपनी के संचालक ने उनको अपना पता सिविल लाइन साउथ हनुमान मंदिर वाली गली बताया था, जोकि गलत निकला।
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किसने कितने रुपये कराए जमा
एजेंट का नाम जमा कराई गई धनराशि
1. मुकेश मौर्य 52 लाख
2. रोहित शर्मा 56 लाख
3. तौफीक अहमद 26 लाख
4. श्रीकृष्ण 26 लाख
5. नरेंद्र पाल सिंह 10 लाख
6. झम्मनलाल 35 लाख
7. ओमप्रकाश 10 लाख
8. चंद्रसेन 07 लाख
9. हरजिंदर कौर 95 लाख
10. रामपाल 08 लाख
11. नीरज पोद्दार 15 लाख
12. नरायनलाल 12 लाख
13. तपन कुमार 50 लाख
14. गनेश कुमार 04 लाख
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कंपनी में काम करने वाले एजेंटों के जरिए शिकायत मिली है। थाना पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। कंपनी के संचालकों से भी बातचीत की जाएगी। जालसाजों पर सख्त कार्रवाई होगी।
- रोहित मिश्रा, एएसपी