पूरनपुर। फेसबुक पर पाकिस्तान के पक्ष और भारत विरोधी जुमले पोस्ट करने के बाद देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे गए आरोपी वली हसन के पक्ष में अब उलमा आ गए हैं। वे पुलिस की कार्रवाई को गलत बता रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर बिना जांच किए ही वली हसन को जेल भेजने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच सीबीसीआईडी और साइबर क्राइम टीम से कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया। इसमें दो दिन में न्याय न मिलने पर आंदोलन की धमकी दी गई है।
सुन्नी उलमा काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव हाफिज नूर अहमद रजा अजहरी के नेतृत्व में सोमवार सुबह उलमा एकत्र होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अनुराग सिंह को सौंपा। इसमें कहा गया है कि शाहजहांपुर के गांव नगरा निवासी वली हसन के खिलाफ देशद्रोह की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उसका चालान भी पुलिस कर चुकी है। आरोप लगाया कि जेल भेजने की कार्रवाई पुलिस ने बिना जांच के कर दी। साजिश के तहत कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वली हसन की फेसबुक आईडी को हैक किया गया है या फिर किसी दूसरे की फेसबुक आईडी पर वली हसन का नाम और फोटो लगाकर ये हरकत की गई है। जांच पूरी होने तक जेल भेजे गए तीनों लोगों को रिहा करने की मांग की गई। यह भी चेतावनी दी कि अगर दो दिन के भीतर न्याय न मिला तो आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रबंधक जीनतुल फिराक मदरसा के प्रबंधक हाफिज असलम नूरी, रजा मस्जिद के इमाम हाफिज जकी खां, मौलाना अली जान, गुलारे फरीद मस्जिद के इमाम हाफिज कमर, पूरनपुर की जामा मस्जिद के इमाम हाफिज सलीम, कारी हसन, मोहम्मद इजहार, हाफिज शाकिर, मौलाना जावेद, कारी फुरकान, मौलाना आमिर, मौलाना मेराज हैं।