बेपटरी यातायात व्यवस्था को सुचारु करने और बढ़ते हादसों को देखते हुए एक बार फिर स्कूल प्रबंधन पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। नाबालिग स्कूली छात्र-छात्राएं वाहन न चलाएं, इसके लिए कॉलेज स्तर से उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके लिए यातायात पुलिस की ओर से स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी कराए जाएंगे।
साल 2017 हुए 409 सड़क हादसों में जिले के 168 लोगों की जान गई और 314 गंभीर रुप से घायल हुए थे। इसके बावजूद में शहर की सड़कों पर नजर डाली जाए तो हर तरफ हेलमेट की अनदेखी और ट्रिपल राइडिंग करने वालों की भरमार है। खास बात यह है कि अक्सर जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल होने वाले स्कूली बच्चे भी नियमों को तार-तार करने में पीछे नहीं है। इसके लिए आए दिन प्रशासन की ओर से कोई न कोई बयानबाजी की जाती रही है, लेकिन धरातल पर नतीजा नहीं दिखाई दे सका। इसके पीछे लचर व्यवस्था होने के साथ ही चालकों में जागरूकता का अभाव भी अहम रहा। स्कूल खुलने और छुट्टी के वक्त तेजी से नाबालिग छात्र-छात्राओं के वाहन चलाने की मिल रही शिकायतों के बाद इसको लेकर एसपी ने एक बार फिर सख्ती करने का दावा किया है। एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि नाबालिग वाहन न चलाएं, इसके लिए स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जा रही है। नोटिस तैयार करा लिए गए हैं, उनको टीएसआई एसके उपाध्याय के जरिए स्कूल प्रबंधकों को पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा बिना फिटनेस के स्कूली वाहनों पर भी सख्ती होगी।