शहर के गैस चौराहा स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के लॉकर से एक व्यापारी नेता की मां के 25 तोले सोने के जेवर रहस्यमय ढंग से गायब हो गए। लॉकर चेक करने पहुंचने पर मां-बेटे ने जब गहने गायब देखे तो उनके होश उड़ गए। बैंक प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने लगा। इस पर उनकी नोकझोंक भी हुई। सूचना मिलने पर पहंची सुनगढ़ी पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने कार्रवाई के लिए पीड़ित से तहरीर मांगी है।
शहर की एकता नगर कालोनी निवासी व्यापार मंडल के नेता अमनदीप सिंह जौली ने बताया कि उनकी मां जसप्रीत कौर का गैस चौराहा स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक में लॉकर है। इसमें काफी समय से 25 तोला सोने के जेवरात रखे हुए थे। बृहस्पतिवार सुबह वह अपनी मां के साथ लॉकर चेक करने पहुंचे। लॉकर खोलते ही अंदर रखे जेवरात गायब देख उनके होश उड़ गए। बैंक कर्मचारियों से मामले की जानकारी की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। पीड़ित ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिस पर कस्बा इंचार्ज देवेंद्र सिंह बैंक पहुंचे। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी अतुल प्रधान ने भी घटना को लेकर जानकारी हासिल की। इसमें कोई सुराग अभी नहंी मिल सका है।
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बैंक कर्मी का बेतुका जवाब सुनकर भड़के
व्यापारी नेता की मां के लॉकर से 25 तोला सोना गायब होने का पता लगते ही व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष आफरोज जिलानी समेत कई व्यापारी बैंक पहुंचे। यहां एक बैंककर्मी ने लॉकर से सोना गायब होने के मामले में बैंक की कोई जिम्मेदारी न होने की बात कह दी। जिस पर व्यापारी भड़क गए। दोनों के बीच कहासुनी हुई। जिसको बैंक प्रबंधक ने शांत कराया।
चार दिन पहले मिला था जेवरात के डिब्बे का ढक्कन
बैंक में सफाईकर्मी पद पर काम करने वाली मोहल्ला नखासा की निवासी लक्ष्मी देवी का कहना है कि चार दिन पहले उसे लॉकर रूम की सफाई के दौरान एक जेवरात के डिब्बे का ढक्कन पड़ा मिला था। जिसको उसने उठाकर वहीं पर रख दिया था। इसे देखने पर व्यापारी ने अपने जेवरात के डिब्बे का ढक्कन बताया है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि शायद पूरा मामला चार दिन पहले ही हुआ है।
दिसंबर 2015 में चेक किया था लॉकर
पीड़ित व्यापारी नेता अमनदीप सिंह जौली ने बताया कि वह आठ महीने बाद लॉकर चेक करने आए थे। पिछली बार दिसंबर माह में चेक किया गया था। तब सोना लॉकर में मौजूद था। रजिस्टर देखने पर भी 25 दिसंबर 2015 के बाद कोई भी इंट्री नहीं है।
संदिग्धता को लेकर बैंककर्मी असमंजस में
लॉकर से सोना गायब होने के मामले में संदिग्धता सामने आने पर बैककर्मी भी असमंजस में हैं। लॉकर की दो चाबी होती है। बिना बैंककर्मी की चाबी के लॉकर खुल नहीं सकता लेकिन बंद हो सकता है। सवाल यह है कि हो सकता है कि पिछली बार आने पर पीड़ित लॉकर बंद करना भूल गए। फिर आज लॉकर बंद कैसे मिला। किसी के गले नहीं उतर रहा है।
बैंक में होता सीसीटीवी तो खुलते राज
आए दिन पुलिस अधिकारी बैंकों की सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी करते है। लेकिन इसके बाद भी कोई हल नहीं हो सका है। घटना के बाद पता करने पर बताया गया कि पंजाब एंड सिंध बैंक की किसी भी शाखा में सीसीटीवी कैमरा लगा ही नहीं है। अगर कैमरा लगा होता तो बैंक प्रबंधन पर लग रहे लापरवाही के आरोपों का सच पता लग सकता था। हालांकि प्रबंधक का कहना है कि कैमरे के लिए बड़े अफसरों से पत्राचार किया जा रहा है।
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ऐसा कैसे हो गया, इसका कोई पता नहंी लग सका है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। लॉकर उपभोक्ता से भी मामले में एक लिखित शिकायत मांगी गई है। बैंक की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही।
एमएस टोलिया, प्रबंधक (पंजाब एंड सिंध बैंक)
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पुलिस मौके पर जांच के लिए गई थी। दोनों पक्षों से बातचीत कर जानकारी की गई है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
निर्मल कुमार बिष्ट, सीओ सिटी