पीलीभीत। छात्र रामप्रकाश की गोलीमारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने परिवार की ओर से नामजद किए गए दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। घंटों की पूछताछ के बाद भी पुलिस को ऐसा कोई सुराग नहीं मिल सका। जिससे हत्याकांड में प्रारंभिक तौर पर उनकी संलिप्तता उजागर हो सके। जिस पर उनको छोड़ दिया गया है। अब अफसर हत्याकांड के खुलासे के लिए वजह तलाशने में जुट गए हैं।
सुनगढ़ी क्षेत्र के मुड़िया रामकिसन गांव निवासी बीएससी के छात्र रामप्रकाश का शव रात भर लापता रहने के बाद बृहस्पतिवार सुबह मकान से सौ मीटर की दूरी पर एक खेत में लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने परिवारीजनों से मिली तहरीर पर गांव के ही अनोखेलाल और भगवत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मृतक के मोबाइल के सीडीआर निकलवाए गए। जिसको देखने के बाद परिवार की ओर से अनोखेलाल द्वारा फोन कर छात्र को बुलाने के आरोप गलत साबित हुए। आरोपी अनोखेलाल ने नहीं, बल्कि छात्र ने उसको कॉल की थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। एक आरोपी खुद ही पुलिस के बुलावे पर थाना पहुंच गया। काफी देर पूछताछ के बाद भी उनसे कोई सुराग नहीं मिल सका। जिस पर उनको छोड़ दिया गया है। एएसपी रोहित मिश्रा ने बताया कि सीडीआर का गहनता से अध्यन किया जा रहा है। हत्या और आत्महत्या दोनों ही पहलूओं पर जांच जारी है। दोनों की स्थिति में क्या कारण रहे, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अवैध संबंध को लेकर भी छानबीन जारी है।