पीलीभीत। घर में घुसकर विवाहिता से दुष्कर्म की कोशिश और इसका विरोध करने पर गला दबाकर मारने के मामले को पूरनपुर पुलिस जांच के नाम पर दबा गई। तहरीर मिलने के 72 घंटे बाद भी न तो कोई पुलिसकर्मी मौके पर जांच करने आया, न ही कोई मुकदमा दर्ज किया गया। कोतवाली के चक्कर लगाकर परेशान होने के बाद पीड़िता ने पति संग एएसपी दफ्तर पहुंचकर अपना दुखड़ा सुनाते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पूरनपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया।
पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रघुनाथपुर की निवासी एक महिला ने बताया कि उसके पति मजदूरी करते हैं। सात सितंबर को वह काम से बाहर गए थे, घर पर वह अकेली थी। इस बीच पड़ोस का रहने वाला एक दबंग युवक शाम छह बजे घर में घुस आया। बुरी नीयत से पीड़िता को पकड़ लिया और अश्लील हरकत करने लगा। इस बीच पीड़िता के कपड़े भी फाड़ दिए। आरोपी ने कमरे में खींचकर दुष्कर्म करने की कोशिश की। इसका विरोध करने पर आरोपी ने उसकी गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। शोर मचाने पर आसपास के लोगों के जमा होने पर आरोपी धमकी देकर भाग गया। इसकी सूचना मिलने पर उसी समय यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी नहीं मिला। कोतवाली जाकर घटना की तहरीर पुलिस को दी गई। इस पर कानूनी कार्रवाई करने के बजाए पुलिस ने बिना जांच किए ही मामला झुठलाना शुरू कर दिया और तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। आज तक कोतवाली से कोई जांच करने भी मौके पर नहीं आया। आरोपी लगातार पीड़ित परिवार को धमकी दे रहा है। एएसपी रोहित मिश्रा ने पीड़ित को कोतवाली पुलिस से मामले की जानकारी कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। दुष्कर्म प्रयास के मामले को तीन दिन तक जहां कोतवाली पुलिस संदिग्ध बताकर दबाने की तैयारी करती रही। वहीं, एएसपी रोहित मिश्रा से शिकायत के चंद मिनट बाद ही पुलिस एक्टिव हो गई। पूरनपुर पुलिस ने न सिर्फ आरोपी विजय पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, बल्कि मंगलवार को उसको गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।