खेत में दबे जेवर दिलाने के बहाने ढाई लाख ठगे
खेत में दबे करोड़ों रुपये के जेवर दिलाने का लालच देकर जालसाज ने ग्रामीण से ढाई लाख रुपये की ठगी कर ली। खेत की खुदाई करने पर निकला जेवर नकली पाए जाने पर पीड़ित को ठगी का पता लगा। पीड़ित ने मामले की नामजद तहरीर पुलिस को दी है। विधायक रामसरन वर्मा से भी मामले की शिकायत की गई है। कोतवाली क्षेत्र के गांव ईंटा रोड़ा निवासी जानकी प्रसाद वर्मा ने बताया कि भैयादूज के मौके पर नरायनपुर (बरखेड़ा) का रहने वाला एक युवक उसके पास आया। उसने पीड़ित के खेत में करोड़ों रुपये के जेवर दबे होना बताया। खेत में दबे जेवर पाने के लिए साढ़े तीन लाख रुपये का खर्चा बताया। जालसाज की बातों में आकर जानकी ने कुछ दिन बाद उसे बुलाया और ढाई लाख रुपये दे दिए। उसी रात जालसाज अपने पांच साथियों समेत ईंटा रोड़ा गांव पहुंचा और जमुना प्रसाद के बाद खेत का एक कोना खुदवाया। मिट्टी के नीचे दबी एक पोटली निकली। इसमें पीली धातु के चार बिस्कुट, सफेद धातु के 11 और पीली के 65 सिक्के थे। इनके अलावा बचे जेवर निकलवाने के लिए एक लाख रुपये और मांगे। जमुना प्रसाद कुछ दिनों तक खेत में मिली पोटली चुपचाप घर में रखे रहे। उसके बाद बीसलपुर जाकर एक सर्राफ से चेक कराने पर पता चला कि खेत में मिले जेवर नकली हैं, जिनकी कीमत बमुश्किल एक हजार रुपये होगी। तब जमुना प्रसाद को ठगे जाने का पता चला। उनके फोन पर पर जालसाज ने मोबाइल रिसीव नहीं किया। शनिवार देर शाम मामले की नामजद तहरीर पुलिस को दी गई। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि मामला काफी पुराना है। दरोगा को मौके पर भेजकर जांच कराई जा रही है।