पीलीभीत। सत्र न्यायाधीश वीएस पटेल ने थाना जहानाबाद के गांव डंडिया शुक्ल में पौने चार साल पूर्व हुए प्यारेलाल हत्याकांड में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक को छह-छह हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। सजा पाने वालों में गांव डंडिया शुक्ल की विद्यादेवी व उनके दो पुत्र जानकी प्रसाद व राकेश कुमार और परिवार के वीरेंद्र कुमार शामिल हैं। 28 जून 2015 को जहानाबाद थाने में गांव डंडिया शुक्ल निवासी ओमप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार उसके भाई रामकुमार की शादी अप्रैल 2015 में हुई थी। उसने परिवार के कुछ लोगों को निमंत्रण नहीं दिया था। क्योंकि वे लोग आए दिन शराब पीकर गांव में झगड़ा करते हैं। इसी वजह से बुराई मानते हुए मई में ओमप्रकाश के पिता प्यारेलाल के साथ राकेश और वीरेंद्र ने शराब पीकर मारपीट व गाली गलौज की थी, जिसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इसी रंजिश में 27 जून 2015 की रात साढ़े दस बजे राकेश, उसके भाई जानकी प्रसाद, उनकी मां विद्या देवी और परिवार के वीरेंद्र कुमार ने पिता प्यारेलाल को अपने घर के सामने घेर लिया। राकेश के हाथ में लोहे की रॉड और बाकी के हाथों में लाठी डंडे थे। हमलावरों प्यारेलाल को गालियां दीं और लोहे की रॉड और लाठी-डंडे से जमकर मारा-पीटा। सिर व शरीर पर गंभीर चोटें आने से प्यारेलाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश वीएस पटेल ने चारों आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास और प्रत्येक को छह- हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।